नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच गतिरोध अभी भी बरकरार है। सरकार ने दावा किया है कि उसने आंदोलनकारी संगठन से बातचीत के लिए पिछले 24 घंटों में चार बार संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। वहीं CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी राजनीतिक दल के कार्यालय या किसी नेता के आवास पर बातचीत नहीं करेगा। संगठन ने सरकार से जंतर-मंतर या किसी तटस्थ (न्यूट्रल) स्थान पर चर्चा करने की मांग की है।
सरकार ने कहा- बातचीत के लिए हमेशा तैयार
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार CJP के साथ किसी भी समय बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान संगठन को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में चर्चा के लिए चार बार आमंत्रित किया गया, लेकिन संगठन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।सरकार का कहना है कि वह बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है और आंदोलनकारियों से संवाद के रास्ते खुले हुए हैं।
CJP ने रखी न्यूट्रल स्थान पर वार्ता की शर्त
सरकार के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी ऐसे तटस्थ स्थान का चयन किया जाए, जहां दोनों पक्ष समान रूप से चर्चा कर सकें। संगठन का कहना है कि वह किसी नेता के घर या कार्यालय में जाकर बातचीत नहीं करेगा।CJP के अनुसार, आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है तथा सरकार को भी संवाद के लिए निष्पक्ष माहौल तैयार करना चाहिए।
24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन
बातचीत को लेकर बनी असहमति के बीच CJP ने 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में छात्र एवं समर्थक विरोध प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे।संगठन का दावा है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान छात्रों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
संसद मार्च के दौरान हुआ था लाठीचार्ज
गौरतलब है कि 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया था। इस घटना के बाद आंदोलन ने और अधिक गति पकड़ ली और विभिन्न छात्र संगठनों ने भी आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई।
20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का धरना-प्रदर्शन 20 जून से लगातार जारी है। आंदोलनकारी NEET पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार को जवाबदेही तय करते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने चाहिए।
सोनम वांगचुक के अनशन का 26वां दिन
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून से इस आंदोलन के समर्थन में अनशन पर बैठे थे। गुरुवार को उनके अनशन का 26वां दिन है। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।वांगचुक के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों ने भी सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
बातचीत पर टिकी नजर
फिलहाल सरकार और CJP दोनों ने अपने-अपने रुख पर कायम रहने के संकेत दिए हैं। एक ओर सरकार बातचीत के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर CJP निष्पक्ष स्थान पर वार्ता की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में 24 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन और संभावित वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।