हावड़ा: सोमवार को हावड़ा जिले में डीएम कार्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। दोनों दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में और विपक्षी प्रत्याशी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और झड़प को बढ़ने से रोकते हुए दोनों दलों के समर्थकों को अलग किया।
नामांकन के दौरान विवाद
TMC और CPM प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने डीएम कार्यालय पहुंचे थे। TMC के अरूप रॉय और CPM के इम्तियाज अहमद के साथ आए समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और छोटी-मोटी हाथापाई की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के समर्थक रैलियों और नारेबाजी के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे थे, जिससे पहले से मौजूद सुरक्षा बलों की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हुई।
सुरक्षा बलों की भूमिका
मौके पर मौजूद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को अलग किया और स्थिति को सामान्य किया। इससे बड़े स्तर पर हिंसा होने से बच गई।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नामांकन दौर में हावड़ा जैसी घटनाएँ चुनावी माहौल को और गर्मा सकती हैं। इस घटना ने दिखा दिया कि दोनों पार्टियों के समर्थक अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए सक्रिय हैं।