जोधपुर. भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सोमवार को स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में आखिरी बार उड़ान भरी। वह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यह उड़ान जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर चल रहे बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति के दौरान भरी गई। वायुसेना ने इसे ऐसे लड़ाकू पायलट की भावना को दर्शाने वाला क्षण बताया जिसने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करने में विश्वास किया है। देर रात एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में इस उड़ान को उनके शानदार करियर का अहम पड़ाव करार दिया गया। उड़ान के प्रति उनके गहरे जुनून और देश की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता इस मौके पर एक बार फिर उजागर हुई।
तेजस की कमान में अंतिम उड़ान
वायुसेना ने अपने पोस्ट में लिखा कि एक आखिरी लड़ाकू उड़ान जीवनभर का जुनून है। स्वदेशी तेजस विमान की कमान संभालते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अपनी आखिरी लड़ाकू उड़ान के लिए आसमान में उड़ान भर रहे हैं। तेजस भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है और प्रमुख द्वारा इसकी कमान संभालना स्वदेशी क्षमताओं के प्रति विश्वास को दर्शाता है। यह उड़ान न केवल व्यक्तिगत करियर का समापन थी बल्कि भारतीय वायुसेना की तकनीकी प्रगति का भी प्रतीक बनी। जोधपुर के आसमान में तेजस के साथ यह अंतिम उड़ान वायुसेना परिवार के लिए गर्व का क्षण साबित हुई।
तरंग शक्ति अभ्यास के दौरान यादगार पल
यह उड़ान तरंग शक्ति अभ्यास के दौरान हुई जिसमें कई मित्र देशों के वायुसेना के विमान भी शामिल थे। वायुसेना ने सिंह की उड़ान का एक वीडियो और अभ्यास के दौरान मित्र देशों के विमानों तथा सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के साथ उड़ान भरते हुए उनकी तस्वीरें भी साझा कीं। अभ्यास के माहौल में प्रमुख की यह उड़ान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय वायुसेना की क्षमता और नेतृत्व को प्रदर्शित करने वाली रही। सूर्यकिरण टीम के साथ साझा आकाश में यह पल वायुसेना की एकजुटता और पेशेवर उत्कृष्टता का जीवंत उदाहरण बना।
जुनून और प्रतिबद्धता का प्रतीक
वायुसेना के पोस्ट में कहा गया कि यह उनके शानदार करियर का एक अहम क्षण है जो उड़ान के प्रति उनके गहरे जुनून और देश की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिभाषित रहा है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और हमेशा पेशेवर मानकों को उच्च रखा। अंतिम उड़ान के माध्यम से उन्होंने युवा पायलटों को भी यह संदेश दिया कि नेतृत्व का मतलब आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करना है। स्वदेशी विमान में यह उड़ान आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती प्रदान करती है।
वायुसेना परिवार में गर्व का माहौल
इस उड़ान ने पूरे वायुसेना परिवार में गर्व और सम्मान का भाव जगाया। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले प्रमुख द्वारा तेजस में उड़ान भरना उनके करियर की सार्थक परिणति माना जा रहा है। जोधपुर स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों और जवानों ने इस पल को करीब से देखा। वायुसेना ने सोशल मीडिया पर इस उड़ान को व्यापक रूप से साझा कर आम नागरिकों तक भी पहुंचाया। यह क्षण न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि बल्कि संस्थागत गौरव का प्रतीक बनकर उभरा है।