भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज से लागू हो गया है। इसके लागू होने के साथ ही भारत में UK से आयात होने वाली कई वस्तुएं जैसे स्कॉच व्हिस्की, लग्जरी कारें, ब्रांडेड कपड़े, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइस पहले के मुकाबले सस्ते मिलेंगे। वहीं भारत के 99% उत्पाद अब UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जा सकेंगे, जबकि UK के अधिकांश सामान भारत में औसतन 3% टैरिफ पर आयात होंगे।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समझौते से 2030 तक भारत-UK द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। लगभग साढ़े तीन साल तक चली 14 दौर की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने बताया ऐतिहासिक कदम
भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और UK की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास का नया अध्याय शुरू करेगा।
भारत में कौन-कौन सी चीजें सस्ती होंगी?
UK से आने वाले उत्पादों पर औसत आयात शुल्क 15% से घटकर करीब 3% रह जाएगा। अगले 10 वर्षों में 85% उत्पाद पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगे। इससे कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।
स्कॉच व्हिस्की और जिन
स्कॉच व्हिस्की और जिन पर आयात शुल्क 150% से घटकर 75% होगा।
समझौते के दसवें वर्ष तक इसे घटाकर 40% किया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर 5,000 रुपये की स्कॉच व्हिस्की करीब 3,500 रुपये में मिल सकती है।
लग्जरी कारें
जगुआर लैंड रोवर, रोल्स-रॉयस जैसी ब्रिटिश कारों पर शुल्क 100% से घटकर कोटा व्यवस्था के तहत 10% तक आ जाएगा।
इन कारों की कीमतों में लगभग 20-30% तक कमी आ सकती है।
खाद्य एवं पेय पदार्थ
सैल्मन, लैंब, चॉकलेट, बिस्किट और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों पर शुल्क घटने से ये सस्ते होंगे।
कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइस
ब्रिटिश कॉस्मेटिक्स, मेडिकल उपकरण और एयरोस्पेस पार्ट्स पर टैरिफ कम होने से इनकी कीमतों में गिरावट आएगी।
फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स
UK के ब्रांडेड कपड़े, फुटवियर, होमवेयर, फर्नीचर और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।
भारत के किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
यह समझौता टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग, फार्मा, केमिकल, कृषि और ग्रीन एनर्जी समेत कई क्षेत्रों के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
. टेक्सटाइल सेक्टर
भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स पर UK में लगने वाला 8-12% शुल्क समाप्त हो जाएगा।
तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे प्रमुख निर्यात केंद्रों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अगले तीन वर्षों में निर्यात में लगभग 40% तक वृद्धि की संभावना है।
. ज्वेलरी और लेदर उद्योग
भारतीय आभूषण, बैग, जूते और अन्य चमड़े के उत्पाद अब बिना शुल्क के UK पहुंच सकेंगे।
MSME और प्रीमियम ब्रांड्स को नए बाजार मिलेंगे।
इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स
मशीनरी, इंजीनियरिंग उत्पाद और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर UK ने आयात शुल्क समाप्त कर दिया है।
पुणे, चेन्नई और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक शहरों को लाभ मिलेगा।
. फार्मा और मेडिकल डिवाइस
भारतीय जेनेरिक दवाओं के लिए UK में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान होगी।
NHS सहित ब्रिटिश बाजार में भारतीय दवाओं की पहुंच बढ़ेगी।
. कृषि एवं खाद्य उत्पाद
बासमती चावल, प्रीमियम चाय, मसाले, झींगा और अन्य समुद्री उत्पादों पर शुल्क समाप्त होगा।
असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल के निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
. केमिकल उद्योग
एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशलिटी केमिकल्स के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
गुजरात और महाराष्ट्र के उद्योगों को फायदा होगा।
. ग्रीन एनर्जी
सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर में दोनों देशों के बीच निवेश और संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?
निर्यात में तेजी
भारत के 99% उत्पाद UK में बिना टैरिफ के निर्यात किए जा सकेंगे।
2030 तक भारत का UK को निर्यात 29 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
रोजगार के नए अवसर
टेक्सटाइल और लेदर जैसे श्रम-आधारित उद्योगों में लाखों नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
MSME को बढ़ावा
भारत के करीब 6 करोड़ MSME को नए बाजार और बेहतर मुनाफे का अवसर मिलेगा।
विदेशी निवेश में वृद्धि
UK की कंपनियां IT, वित्तीय सेवाओं और ग्रीन टेक्नोलॉजी में भारत में निवेश बढ़ा सकती हैं।
आर्थिक विकास
अनुमान है कि 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार में लगभग 15% वार्षिक वृद्धि होगी।
यह समझौता कब लागू हुआ?
भारत और UK के बीच FTA पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे। दोनों देशों की आवश्यक संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है।
बातचीत कब शुरू हुई थी?
भारत और UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर आधिकारिक बातचीत 13 जनवरी 2022 से शुरू हुई थी। करीब साढ़े तीन साल तक चली कई दौर की वार्ताओं के बाद समझौता अंतिम रूप तक पहुंचा।
ट्रेड एग्रीमेंट कितने प्रकार के होते हैं?
व्यापार समझौतों को उनकी प्रकृति के आधार पर कई श्रेणियों में बांटा जाता है।
PTA (Preferential Trade Agreement) – सीमित उत्पादों पर रियायती शुल्क।
FTA (Free Trade Agreement) – अधिकांश वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या बेहद कम।
RTA (Regional Trade Agreement) – क्षेत्रीय देशों के बीच व्यापार समझौता।
BTA (Bilateral Trade Agreement) – दो देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) ऐसे अधिकांश समझौतों को व्यापक रूप से Regional Trade Agreement (RTA) की श्रेणी में रखता है।
भारत ने किन देशों के साथ FTA किए हैं?
भारत ने अब तक श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मॉरीशस, ASEAN और EFTA जैसे देशों एवं समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं।