नई दिल्ली - वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से आगे निकल चुका है। इसी संदर्भ में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘रण संवाद’ कार्यक्रम के दौरान युद्ध के बदलते स्वरूप पर महत्वपूर्ण और स्पष्ट विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया एक तरह के ‘अघोषित युद्ध’ के दौर से गुजर रही है, जहां संघर्ष कई स्तरों और क्षेत्रों में एक साथ चल रहा है।
अघोषित युद्ध के दौर में दुनिया
सेना प्रमुख के अनुसार, वर्तमान समय में युद्ध केवल जमीन, हवा और समुद्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब साइबर, अंतरिक्ष (स्पेस) और कॉग्निटिव डोमेन तक फैल चुका है। उन्होंने इस नए स्वरूप को मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस (MDO) का युग बताया, जिसमें विभिन्न युद्ध क्षेत्रों के बीच समन्वय और तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज का संघर्ष एक ‘अघोषित, बहु-क्षेत्रीय और बहु-डोमेन विश्व युद्ध’ जैसा प्रतीत होता है।
अब यह सवाल अप्रासंगिक हो गया है
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब यह सवाल अप्रासंगिक हो गया है कि अलग-अलग डोमेन आपस में जुड़े हुए हैं या नहीं, बल्कि असली चुनौती यह है कि इन सभी डोमेनों के बीच प्रभावी समन्वय कैसे स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारतीय सेना इन बदलती चुनौतियों के अनुरूप खुद को तेजी से ढाल रही है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल युद्ध क्षमता, साइबर सुरक्षा और स्पेस आधारित निगरानी जैसे क्षेत्रों में लगातार सुधार किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य के युद्धों में भारत की स्थिति मजबूत बनी रहे।
इस बयान से स्पष्ट है कि भारतीय सेना अब केवल पारंपरिक ताकत पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध रणनीतियों को अपनाकर भविष्य के खतरों के लिए खुद को तैयार कर रही है।