नई दिल्ली: बच्चों को अस्वास्थ्यकर खान-पान से दूर रखने के लिए स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्कूल परिसर के साथ-साथ उसके आसपास 50 मीटर तक के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का प्रावधान है, जिन्हें बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है।
स्कूलों के बाहर भी होगी निगरानी
अब सिर्फ स्कूल की कैंटीन तक ही नियमों को सीमित रखने के बजाय आसपास की दुकानों और खाद्य विक्रेताओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। स्कूल के 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, शुगर और साल्ट यानी HFSS वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, प्रचार और मार्केटिंग को लेकर प्रतिबंध लागू करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
किन खाद्य पदार्थों पर रहेगी नजर?
HFSS खाद्य पदार्थों में ऐसे पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड शामिल होते हैं, जिनमें जरूरत से ज्यादा नमक, चीनी या वसा होती है। इनमें कई तरह के चिप्स, मीठे पेय, ज्यादा चीनी वाले स्नैक्स और अन्य अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। हालांकि किसी उत्पाद को HFSS श्रेणी में रखने का फैसला निर्धारित पोषण मानकों के आधार पर किया जाएगा।
बच्चों में बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं के बीच कदम
बच्चों में कम उम्र से ही अस्वास्थ्यकर भोजन की आदत को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं। स्कूल के आसपास आसानी से उपलब्ध जंक फूड बच्चों के खान-पान को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्कूलों के आसपास स्वस्थ भोजन का माहौल तैयार करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
FSSAI के नियमों से भी जुड़ा है मामला
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से स्कूलों में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने के लिए पहले भी नियम बनाए गए हैं। 2020 में जारी नियमों में स्कूल परिसर और उसके 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, ट्रांस फैट, अतिरिक्त चीनी या सोडियम वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, मार्केटिंग और विज्ञापन को लेकर प्रावधान किए गए थे।
स्कूल कैंटीन पर भी बढ़ेगी जिम्मेदारी
इन नियमों का एक अहम हिस्सा स्कूल कैंटीन से जुड़ा है। कैंटीन में बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। इसके साथ ही स्कूलों में स्वस्थ खान-पान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को बेहतर भोजन विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
राज्यों में भी हो रही है कार्रवाई
स्कूलों के आसपास जंक फूड पर रोक को लेकर कुछ राज्यों में पहले से कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में स्कूल परिसर और 50 मीटर के दायरे में HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री और विज्ञापन पर प्रतिबंध से जुड़े निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान में भी इस तरह के नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर न्यायिक स्तर पर निर्देश सामने आए हैं।
मकसद सिर्फ बिक्री रोकना नहीं
इस पहल का उद्देश्य केवल स्कूलों के आसपास जंक फूड की उपलब्धता कम करना नहीं है। इसके जरिए बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने पर जोर है, जहां उन्हें आसानी से पौष्टिक भोजन और बेहतर खान-पान के विकल्प मिल सकें। स्कूलों, अभिभावकों और स्थानीय खाद्य विक्रेताओं की भूमिका भी इस व्यवस्था में अहम होगी।