कोलकाता: कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (NSCBI) हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पुजाলি नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद अमीरुल शेख इस्लाम को प्रतिबंधित हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
बैग से बरामद हुए कारतूस
मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद इंडिगो की फ्लाइट से यात्रा करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे।
स्कैनिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों को उनके बैग से एक खाली मैगजीन और 7.65 एमएम की 6 राउंड ताजा गोलियां मिलीं।
CISF द्वारा पूछताछ किए जाने पर पार्षद ने दावा किया कि उनके पास हथियारों का वैध लाइसेंस है।
प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज पेश करने का समय दिया, लेकिन वे कोई भी वैध लाइसेंस या कागजात दिखाने में विफल रहे।
इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में 'आर्म्स एक्ट' के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर का कड़ा रुख
हवाई अड्डे पर हुई इस गिरफ्तारी के बीच कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने चुनाव के बाद के माहौल को देखते हुए सुरक्षा पर विशेष प्रेस वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर में किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CP अजय नंद के संबोधन की मुख्य बातें:
80 गिरफ्तारियां: चुनाव के बाद गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वाले 80 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
बुलडोजर रैलियों पर रोक: विजय जुलूसों में बुलडोजर का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गुअफवाहों से बचें: सीपी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
पुलिस की मुस्तैदी: यदि कहीं भी कोई समस्या आती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें; अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कानून कड़ाई से निपटेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 21 सितंबर 2025 की है, जब अमीरुल इस्लाम कोलकाता हवाई अड्डे से एक फ्लाइट पकड़ने आए थे।जांच में खुलासा: सुरक्षा जांच के दौरान बैग स्कैनिंग में उनके पास से एक खाली मैगजीन और 6 राउंड कारतूस बरामद किए गए थे।लाइसेंस का दावा: उस समय अमीरुल ने दावा किया था कि उनके पास इन हथियारों और गोलियों के लिए वैध लाइसेंस मौजूद है।मिली थी मोहलत: एक जनप्रतिनिधि होने के नाते पुलिस ने उन्हें दस्तावेज पेश करने के लिए 7 दिनों का समय दिया था।विफल रहे पार्षद: आरोप है कि सात दिन बीत जाने के बाद भी पुजाली नगर पालिका के पार्षद कोई भी वैध लाइसेंस जमा नहीं कर सके।
पुलिस की कार्रवाई
दस्तावेज पेश न कर पाने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, मामला दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने में इतना समय क्यों लगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, पुलिस पार्षद से गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।