कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस बार ईद-उल-अजहा के मौके पर एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। कोलकाता की मशहूर रेड रोड पर यातायात व्यवस्था को सामान्य और सुचारू बनाए रखने के लिए राज्य प्रशासन (नवान्न) ने कुछ दिन पहले ही एक बड़ा फैसला लिया था। इसके तहत इस साल रेड रोड के बजाय ऐतिहासिक **ब्रिगेड परेड ग्राउंड (मैदान) में नमाज का आयोजन किया गया। यह पहली बार है जब ब्रिगेड ग्राउंड में इस तरह सामूहिक नमाज अदा की गई। गुरुवार सुबह भारी संख्या में अकीदतमंदों ने मैदान में बैठकर नमाज पढ़ी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
पवित्र ईद-उल-अजहा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर देशवासियों को बधाई दी। पीएम मोदी ने देश की जनता के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और सद्भाव की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा:
"ईद-उल-अजहा की हार्दिक शुभकामनाएं। यह त्योहार हमारे समाज में सौहार्द, भाईचारे और आनंद के माहौल को और गहरा करे। मैं सभी की सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूँ।"
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया के जरिए राज्य और देश के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
त्याग और बलिदान का प्रतीक है यह त्योहार
इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने 'जिलहिज्जा' की 10 तारीख को यह त्योहार मनाया जाता है, जिसे समाज में 'बकरीद' या 'कूर्बानी की ईद' भी कहा जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम और उनके बेटे हजरत इस्माइल की कहानी से जुड़ा है। मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम के विश्वास की परीक्षा लेने के लिए उनकी सबसे प्यारी चीज की कूर्बानी मांगी थी। जब वे अपने बेटे की कूर्बानी देने को राजी हो गए, तो आखिरी वक्त पर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक दुम्बा (भेड़ जैसा जीव) भेज दिया। इसी घटना की याद में कूर्बानी की रस्म निभाई जाती है। इस पवित्र समय का हज यात्रा से भी गहरा नाता है, जब दुनिया भर के लाखों मुस्लिम मक्का पहुंचते हैं।
पीएम मोदी ने कतर के अमीर से की बात; 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' पर हुई चर्चा
ईद की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात की और कतर की जनता को ईद की बधाई दी। इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की:
पश्चिम एशिया में शांति की अपील: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत कतर के साथ खड़ा है और उन्होंने पश्चिम एशिया के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' के रास्ते सुरक्षित और निर्बाध समुद्री यातायात (Free Maritime Navigation) को बनाए रखने पर सहमति जताई।भारतीयों की सुरक्षा: पीएम मोदी ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और सहयोग के लिए कतर प्रशासन का आभार व्यक्त किया।देश के अन्य हिस्सों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और हैदराबाद में भी सुबह से ही मस्जिदों में नमाज अदा की गई और हर तरफ त्याग व सौहार्द का माहौल देखा गया।