कोलकाता: कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्टलेक स्टेडियम) के बाहर लगी एक अजीबोगरीब मूर्ति को तोड़े जाने का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब लेकटाउन इलाके में लगी महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) की मूर्ति को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों की सुरक्षा शिकायतों और प्रशासनिक पेचों के बीच मंगलवार रात से इस विशाल मूर्ति को हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे इलाके में कौतूहल और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हल्की हवा में ही हिलने लगी थी मेसी की मूर्ति
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले सोमवार को देखा गया था कि हल्की हवा चलने पर भी मेसी की यह विशाल मूर्ति डोल रही थी। जांच करने पर पता चला कि मूर्ति के मुख्य ऊंचे ढांचे (स्ट्रक्चर) के कुछ पेंच और स्क्रू ढीले हो गए थे। हालांकि लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम किया था, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों के मन से हादसे का डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ढीली मिट्टी बनी वजह
लेकटाउन के निवासियों का आरोप है कि सड़क के किनारे इतनी बड़ी और भारी संरचना (स्ट्रक्चर) का निर्माण करते समय आवश्यक सुरक्षा नियमों (Safety Norms) का ठीक से पालन नहीं किया गया।
निवासियों की मुख्य चिंताएं:
मूर्ति के नीचे की मिट्टी काफी ढीली हो चुकी है, जिससे यह बेस से पूरी तरह स्थिर नहीं है।
आने वाले दिनों में तेज आंधी-तूफान या भारी बारिश के दौरान यह भारी-भरकम मूर्ति सड़क पर गिर सकती है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी डर के मद्देनजर मंगलवार रात से प्रशासन ने इसे वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकारी जमीन और बिना अनुमति निर्माण का विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
लेकटाउन इलाके में सिर्फ लियोनेल मेसी ही नहीं, बल्कि अर्जेंटीना के महान दिवंगत फुटबॉलर डिएगो माराडोना की मूर्ति भी स्थापित है। लंबे समय से यह विवाद चल रहा है कि क्या ये दोनों मूर्तियां सरकारी जमीन पर बनाई गई हैं? यह मामला अब कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) तक पहुंच चुका है।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने दमदम नगर पालिका और राज्य सरकार से इस निर्माण की वैधता को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आरोप यह भी है कि इन मूर्तियों के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) से कोई आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) या अनुमति नहीं ली गई थी।
मूर्ति तोड़ी जाएगी या कहीं और होगी शिफ्ट?
युवा भारती स्टेडियम की मूर्ति को जिस तरह पूरी तरह तोड़ दिया गया था, उसके बाद चर्चा तेज है कि क्या मेसी की मूर्ति का भी यही हश्र होगा? हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि चूंकि यह विश्व कप विजेता और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी की प्रतिकृति है, इसलिए इसे नष्ट करने के बजाय किसी सुरक्षित स्थान पर री-लोकेट (Shift) किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।