नई दिल्ली. देशभर में LPG सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए Delivery Authentication Code यानी DAC बताना अनिवार्य होगा। यह कदम गैस की कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी की शिकायतों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सही उपभोक्ता तक ही सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित होगी।
क्या है DAC और क्यों हुआ अनिवार्य
DAC यानी Delivery Authentication Code एक प्रकार का OTP होता है, जो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। जब डिलीवरी कर्मी सिलेंडर लेकर घर पहुंचता है, तो उपभोक्ता को यह कोड बताना होता है। बिना DAC बताए डिलीवरी को वैध नहीं माना जाएगा। यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और गलत वितरण को रोकने के लिए लागू की गई है।
कैसे काम करता है यह नया सिस्टम
जब कोई उपभोक्ता LPG सिलेंडर बुक करता है, तो डिलीवरी से पहले उसके मोबाइल नंबर पर 4 से 6 अंकों का DAC स्वतः भेज दिया जाता है। उपभोक्ता को इस कोड को सुरक्षित रखना होता है और केवल अधिकृत डिलीवरी कर्मी को ही बताना होता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति को ही सौंपा गया है।
अलग से आवेदन की जरूरत नहीं
इस नई व्यवस्था के लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। DAC सिस्टम पूरी तरह स्वचालित है और सिलेंडर बुकिंग के साथ ही सक्रिय हो जाता है। इससे उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इन वैश्विक परिस्थितियों के बीच सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानिया
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें और DAC को किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें। डिलीवरी के समय ही इस कोड को बताएं और सुनिश्चित करें कि सिलेंडर सही तरीके से प्राप्त हुआ है। इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरी व्यवस्था भी अधिक विश्वसनीय बनेगी।
पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम
DAC प्रणाली LPG वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि गैस वितरण प्रणाली में सुधार भी देखने को मिलेगा।