कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान भवानीपुर विधानसभा सीट पर सबकी नजरें टिकी रहीं। दोपहर करीब 4 बजे मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भवानीपुर के मित्र इंस्टीट्यूशन (Mitra Institution) में अपना वोट डाला। मतदान के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
"महिलाओं और बच्चों के साथ हुई मारपीट"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल आम लोगों और टीएमसी समर्थकों पर जानबूझकर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "केंद्रीय बल लोगों को बेरहमी से पीट रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को मारा है, यहाँ तक कि बच्चों को भी नहीं छोड़ा। कल रात से ही हमारे कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई थी। अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद यह किया जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर अदालत की अवमानना है।"
राजनीतिक पक्षपात का आरोप
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका काम कानून-व्यवस्था संभालना है, लेकिन वे एक 'विशेष राजनीतिक दल' को सुरक्षा देने में लगे हैं। ममता ने कहा, "मेरे अपने मोहल्ले में भी महिलाओं को मारा गया है। आप खुद देखिए, हर तरफ सिर्फ केंद्रीय बल खड़े हैं, राज्य पुलिस का कहीं नामोनिशान नहीं है। क्या इसे ही फ्री एंड फेयर इलेक्शन (स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव) कहते हैं?"
एजेंटों को बाहर निकालने की शिकायत
ममता बनर्जी ने दावा किया कि केवल भवानीपुर ही नहीं, बल्कि आरामबाग, खानाकुल, गोघाट और कैनिंग पूर्व-पश्चिम जैसे इलाकों से टीएमसी के पोलिंग एजेंटों को डरा-धमकाकर बाहर निकाल दिया गया है। उन्होंने मीडिया को कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि कई जगहों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी में वोटरों को धमकाया गया है।
"जीत हमारी ही होगी"
अपने राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए ममता ने कहा, "मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूँ, लेकिन मैंने अपने जीवन में ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा। ये क्या कर रहे हैं, आप सोच भी नहीं सकते। हालांकि, मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करती हूँ। चाहे ये जितनी बाधाएं खड़ी कर लें, हम ही जीतेंगे और हम ही दोबारा सत्ता में आएंगे।"