पश्चिम बंगाल की बहुचर्चित लक्ष्मीर भंडार योजना को लेकर मुर्शिदाबाद जिले से बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि एक पुरुष पिछले करीब डेढ़ साल से महिलाओं के लिए चलाई जा रही इस योजना का लाभ उठा रहा था। मामला उस वक्त चर्चा में आया जब मुख्यमंत्री ने नवान्न से आयोजित कार्यक्रम में खुद इस गड़बड़ी का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने मंच से उठाया मामला
बुधवार को अन्नपूर्णा भंडार योजना की शुरुआत और लाभार्थियों के पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर जानकारी देते समय मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद जिले के राकिबुल शेख का नाम लेते हुए कहा कि वह लंबे समय से लक्ष्मीर भंडार योजना का पैसा प्राप्त कर रहा था। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि इस योजना का लाभ केवल भारतीय महिला नागरिकों को मिलेगा, किसी राकिबुल को नहीं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई और पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
कौन है राकिबुल शेख?
जांच में सामने आया कि बहारामपुर थाना क्षेत्र के राधारघाट-1 ग्राम पंचायत अंतर्गत शियालमारा गांव का निवासी राकिबुल शेख करीब डेढ़ साल से लक्ष्मीर भंडार योजना की राशि प्राप्त कर रहा था। राकिबुल पेशे से एक छोटे होटल व्यवसायी बताए जा रहे हैं। हालांकि, राकिबुल का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता कि उनके बैंक खाते में यह पैसा कैसे पहुंच रहा था। उनका दावा है कि उन्होंने इस योजना के लिए कभी आवेदन नहीं किया।
“पैसों की जरूरत थी, इसलिए चुप रहा” – राकिबुल
राकिबुल शेख ने स्वीकार किया कि खाते में पैसा आने के बाद उन्होंने इसे बंद कराने के लिए किसी विभाग में शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। राकिबुल ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि जब पैसा आ ही रहा है तो उसे लेते रहो और अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है।
TMC नेता ने अधिकारियों पर फोड़ा ठीकरा
इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य राजीब हुसैन ने कहा कि लक्ष्मीर भंडार योजना का लाभ किसे मिलेगा, इसका निर्णय पंचायत या जिला परिषद नहीं करती। उनके मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता तय करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और बीडीओ कार्यालय की होती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुरुष के खाते में योजना की राशि गई है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित सरकारी अधिकारियों की होनी चाहिए।
पुलिस हिरासत में राकिबुल, पूछताछ जारी
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद बहारामपुर थाना पुलिस ने राकिबुल शेख को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि योजना का लाभ उन्हें तकनीकी गलती, फर्जी दस्तावेज या किसी साजिश के तहत मिला।
नागरिकता और वोटर लिस्ट पर भी उठे सवाल
प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद राकिबुल और उनकी पत्नी सुलताना परवीन का नाम मतदाता सूची में नहीं पाया गया। दोनों की नागरिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए दोनों ट्रिब्यूनल का रुख कर चुके हैं।
BJP ने साधा निशाना
बीजेपी के बहारामपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष मोलॉय महाजन ने इस घटना को तृणमूल शासन में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना देखकर वह शब्दहीन हैं और समझ नहीं पा रहे कि इस पर क्या प्रतिक्रिया दें।