पश्चिम बंगाल में नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में है। केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के मंत्री सुजीत बोस और रथीन घोष को तीसरी बार पूछताछ के लिए तलब किया है।
चुनावी व्यस्तता नहीं बनी ढाल
दोनों नेताओं ने पहले चुनाव प्रचार का हवाला देकर बाद में पेश होने की बात कही थी, लेकिन ईडी ने इस दलील को खारिज कर दिया। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें निर्धारित समय पर ही उपस्थित होना होगा।
नहीं पहुंचे तो बढ़ सकती है मुश्किल
सूत्रों का कहना है कि अगर दोनों मंत्री फिर से जांच में शामिल नहीं होते हैं, तो ईडी सख्त कानूनी कदम उठा सकती है। इससे पहले भी वे नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए थे।
चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका
दोनों नेता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
- सुजीत बोस: विधाननगर सीट
- रथीन घोष: मध्यग्राम सीट
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी है।
- 2023 में रथीन घोष से पूछताछ और उनके घर पर तलाशी
- 2024 और 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी
- उनके करीबी लोगों के यहां भी जांच
अन्य नेताओं पर भी शिकंजा
इसी मामले में देवाशीष कुमार को भी कई बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
सियासत गरमाई
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ताधारी दल ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, सुजीत बोस ने भी एजेंसी की कार्रवाई को उत्पीड़न बताया है।