भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने झारखंड में INDIA गठबंधन को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों में NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की है। वहीं महागठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी निर्वाचित हुए हैं।
कांग्रेस ने इस चुनाव में प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मतदान के बाद हुई मतगणना में परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले, जबकि बैद्यनाथ राम को 31 और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 19 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा 3 वोट अवैध घोषित किए गए।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों का असर झारखंड की सियासत और राज्य सरकार की स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
परिमल नाथवानी की जीत पर नेताओं ने दी बधाई
परिमल नाथवानी की जीत के बाद भाजपा और NDA के कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में NDA समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी को शानदार जीत मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को महज 20 वोट मिले और महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा।भाजपा नेता सीता सोरेन ने भी परिमल नाथवानी को जीत की बधाई देते हुए इसे NDA की बड़ी सफलता बताया।
वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी नाथवानी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि परिमल नाथवानी राज्य के लोगों तक केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
4 विधायकों की क्रॉस वोटिंग की चर्चा
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 28 मतों की आवश्यकता थी। NDA के पास कुल 24 विधायक थे, लेकिन परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले। ऐसे में माना जा रहा है कि कम से कम 4 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।
विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4, CPI(ML) के 2, भाजपा के 21 और आजसू के 1 विधायक हैं। नतीजों के बाद महागठबंधन के भीतर असंतोष और क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।