रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और ओडिशा तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ से मानसून की दूरी अब मात्र 2 से 5 दिनों की रह गई है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों, खासकर बस्तर संभाग में मानसून की सबसे पहले एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ मानसून की दहलीज पर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून फिलहाल ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय है और अब तेजी से छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में नमी बढ़ने और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मानसून के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं।
अगले 2 से 5 दिन बेहद अहम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 5 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसून प्रवेश कर सकता है। दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर क्षेत्र में सबसे पहले इसका असर देखने को मिलेगा। इसके बाद धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में फैल जाएगा।
18 जून को बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने 18 जून को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
सक्रिय मौसम प्रणाली से बढ़ी नमी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं उत्तर प्रदेश से आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जिससे प्रदेश में नमी बढ़ रही है और बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं।
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। दुर्ग में 32.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि बिलासपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।