लखनऊ- समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने कथित राम मंदिर दान और चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी और भाजपा की राजनीति का अंत भी यहीं से होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े विवादों ने श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाई है और इसका असर स्थानीय कारोबार व पर्यटन पर भी पड़ा है।
'अयोध्या से शुरू हुई राजनीति, यहीं होगा अंत'
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे, चंदे, दान और शिला चोरी जैसे आरोपों के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा प्रभावित हुआ है। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के कारण अयोध्या आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में कमी आई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों की आय पर भी असर पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की कथित गलतियों का खामियाजा जनता क्यों भुगते।
स्थानीय लोगों में आक्रोश का दावा
सपा प्रमुख ने दावा किया कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों की वजह से धार्मिक स्थल की पवित्रता प्रभावित हुई, वे अब सामने नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी न मिलने से लोगों के बीच भ्रम और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
SIT जांच पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि मामले की जांच कहां तक पहुंची है, इसकी रोजाना जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के कारण जनता का जांच एजेंसियों और SIT पर भरोसा कम हुआ है। उन्होंने जांच प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की।
मथुरा मामले की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग
सपा अध्यक्ष ने अपने बयान में मथुरा से जुड़ी कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां सामने आई खबरें भी गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
राजनीतिक बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
अयोध्या को लेकर दिए गए इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। भाजपा और सपा के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव के बीच यह बयान आने वाले दिनों में नए सियासी विवाद को जन्म दे सकता है।