बैतूल- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के बैतूल में आयोजित ‘आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण’ महासम्मेलन में भाग लिया। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता पर अपने विचार रखे। उनके आगमन को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह मिलानपुर टोल नाका स्थित हेलीपैड पर पहुंचीं, जहां राज्यपाल, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद उनका काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे मार्ग पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने सबसे पहले पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। पौधरोपण के बाद उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में मौजूद विभिन्न मॉडल और योजनाओं की जानकारी भी अधिकारियों से ली।
दीप प्रज्ज्वलित कर किया महासम्मेलन का शुभारंभ
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दीप प्रज्ज्वलित कर महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के हजारों लोग मौजूद रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महासम्मेलन के दौरान स्थानीय कलाकारों ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय जीवन, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया, जिसकी राष्ट्रपति सहित सभी अतिथियों ने सराहना की।
मंच पर मौजूद रहे कई विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, संस्था के ओडिशा प्रभारी डॉ. नथमल सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। माउंट आबू से पहुंचीं लीना बहन और शैलजा बहन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और जनजातीय समाज के उत्थान से जुड़े विचार साझा किए।
ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति
महासम्मेलन को संबोधित करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अगले कार्यक्रम के लिए खंडवा जिले के ओंकारेश्वर रवाना हो गईं। उनके दौरे को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। राष्ट्रपति के इस दौरे को जनजातीय समाज के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे विकास, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।