पटना- बिहार के लिए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा है कि आने वाले समय में पटना से दिल्ली का सफर 5 घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे बिहार को आधुनिक और तेज रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों का यात्रा समय काफी कम हो जाएगा और देश की राजधानी से बिहार की दूरी समय के लिहाज से काफी घट जाएगी।
पटना से दिल्ली की दूरी होगी सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली से वाराणसी होते हुए पटना तक बुलेट ट्रेन नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पटना से दिल्ली का सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा हो सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में कई घंटे लगते हैं, लेकिन बुलेट ट्रेन परियोजना से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी।
पटना से सिलीगुड़ी तक भी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
रेल मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि बुलेट ट्रेन परियोजना को आगे बढ़ाकर बिहार को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पटना से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इससे बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
देश की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि Ahmedabad और Mumbai के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना को भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके सफल संचालन के बाद देश के अन्य हिस्सों में भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
बिहार को मिलेगा विकास और रोजगार का फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना केवल यात्रा समय कम करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे बिहार में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिल सकती है। साथ ही छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।