राजस्थान : राजस्थान हाईकोर्ट ने 75 वर्ष से अधिक आयु के दंपति की 58 वर्ष पुरानी शादी को समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी अनबन और झगड़े सामान्य होते हैं और इन्हें तलाक का आधार नहीं माना जा सकता।
फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा
बेंच ने पति की अपील को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें 2014 में दायर तलाक याचिका को अस्वीकृत किया गया था। कोर्ट ने कहा कि मामूली घरेलू विवाद, संपत्ति विवाद या शिकायतें “क्रूरता” के ऐसे गंभीर रूप से मजबूत कारण नहीं हैं जिनसे तलाक देने का आदेश दिया जा सके।
69 वर्षीय दंपति ने 29 जून 1967 को शादी की थी
69 वर्षीय दंपति ने 29 जून 1967 को शादी की थी और 2013 तक उनके जीवन में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि दोनों ने करीब 46 साल तक बिना किसी शिकायत के एक साथ साथ जीवन बिताया। ऐसे लंबे वैवाहिक इतिहास को देखते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया कि तलाक देने से न केवल पत्नी बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होगा।
अनबन, झगड़े तो होते ही हैं…
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल एक प्राथमिकी दर्ज कराने या संपत्ति को लेकर मतभेद होने को अकेले तलाक का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। जब किसी शादी में गंभीर और स्पष्ट “क्रूरता” के संकेत न हों और जीवन के इतने लंबे समय तक साथ गुज़र गया हो, तो इसे अचानक तलाक के जरिए खत्म करना न्यायोचित नहीं माना गया।