प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण से पहले यह बैठक आयोजित की जा रही है। ब्रिटिश काल के इस ऐतिहासिक सचिवालय भवन में कैबिनेट की यह अंतिम बैठक होगी।
ब्रिटिश दौर की इमारत से नए युग की ओर
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 1900 के दशक की शुरुआत में ब्रिटिश वास्तुकार हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किए गए इस परिसर में स्थित पीएमओ में यह आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। यह इमारत ब्रिटिश शासन की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।
‘सेवा तीर्थ’ में होगा पीएमओ का स्थानांतरण
शुक्रवार शाम चार बजे कैबिनेट बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से सभी सरकारी विभागों का स्थानांतरण पूरा हो जाएगा। इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
सरकार की योजना इन ऐतिहासिक इमारतों को ‘युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदलने की है। यह संग्रहालय भारत की सभ्यतागत यात्रा को प्रदर्शित करने वाला विश्व स्तरीय केंद्र होगा। यह कदम प्रशासनिक ढांचे को औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त करने की व्यापक पहल का हिस्सा माना जा रहा है।
कर्तव्य भवन और नई प्रशासनिक संरचना
इससे पहले गृह मंत्रालय रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से स्थानांतरित हो चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ के बयान में कहा गया है कि यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो आधुनिक, कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।