नंदीग्राम/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में नंदीग्राम और भवानीपुर की दो महत्वपूर्ण सीटों पर फतह हासिल करने के बाद शुभेंदु अधिकारी बुधवार सुबह अपने गढ़ नंदीग्राम पहुंचे। नंदीग्राम के लोगों ने अपने 'भूमिपुत्र' का स्वागत किसी उत्सव की तरह किया। यहाँ के लोगों ने शुभेंदु को 9,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दिलाई है, जो इस क्षेत्र से उनकी लगातार तीसरी जीत है।
"नंदीग्राम का कर्ज चुकाऊंगा"
नंदीग्राम पहुंचते ही शुभेंदु अधिकारी ने सबसे पहले बजरंगबली के मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंच से जनता को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में उन्होंने कहा:
"नंदीग्राम के लोगों ने मुझ पर हमेशा भरोसा किया है। आपने मुझे दो बार सांसद और तीन बार विधायक बनाया। नंदीग्राम का यह कर्ज मैं जरूर चुकाऊंगा और यहाँ की तस्वीर बदल दूँगा।"
100 साल शासन का दावा और शांति की अपील
चुनावी नतीजों के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में हो रही हिंसा पर शुभेंदु ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया:
शांति का संदेश: किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। हम हिंसा में विश्वास नहीं रखते।
कानूनी कार्रवाई: जो लोग अराजकता फैलाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
BJP का हुंकार: शुभेंदु ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि अब बंगाल में भाजपा का युग शुरू हो गया है और पार्टी अगले 100 साल तक शासन करेगी।
सीएम की कुर्सी और सीट छोड़ने का सस्पेंस
नंदीग्राम की जनता ने एक सुर में मांग की कि "कांथी के बेटे" (शुभेंदु) को ही बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाए। चूंकि शुभेंदु ने दो सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से चुनाव जीता है, इसलिए नियमतः उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इस पर उन्होंने कहा:
"सीट छोड़ने का फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। लेकिन चाहे मैं भवानीपुर छोडूँ या नंदीग्राम, मैं हमेशा आप लोगों के साथ खड़ा रहूँगा और अपनी जिम्मेदारी निभाता रहूँगा।"
शुभेंदु अधिकारी के इस दौरे ने न केवल उनके कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ा दिया है, बल्कि मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी को भी नंदीग्राम की जनता के समर्थन से नई ऊर्जा मिली है।