लखनऊ - आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बद्रीनाथ मंदिर में सामने आए कथित गड़बड़ी के मामले पर उत्तराखंड सरकार की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तुरंत जांच के आदेश दिए गए और दोषी पाए जाने पर तत्काल एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस तरह के मामलों को लेकर बेहद संवेदनशील है और मंदिरों की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"सरकार के अधीन मंदिर नहीं होने चाहिए"
स्वामी कैलाशानंद गिरी ने मंदिरों के प्रबंधन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी मंदिर सरकार के अधीन नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि मंदिरों का संचालन धार्मिक परंपराओं और स्वतंत्र व्यवस्थाओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि उनकी गरिमा और पवित्रता बनी रहे।
राम मंदिर चंदा मामले पर विपक्ष पर निशाना
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष मंदिर निर्माण के समय भी लगातार विरोध और हल्ला कर रहा था और आज भी वही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा - विपक्ष मंदिर निर्माण के समय भी हल्ला कर रहा था और वर्तमान में भी हल्ला कर रहा है।
जांच पर जताया भरोसा
स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में चल रही है और उन्हें विश्वास है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होगी। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।