कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और टॉलीवुड जगत में उस समय सनसनी फैल गई जब न्यू अलीपुर थाना पुलिस ने प्रभावशाली फिल्म संगठनकर्ता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के भाई स्वरूप विश्वास को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ एक महिला की शिकायत के आधार पर श्लीलता हानि और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
महिला की शिकायत पर कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक महिला ने स्वरूप विश्वास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला की मर्यादा भंग करने और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप शामिल हैं। शिकायत मिलने के बाद न्यू अलीपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर स्वरूप विश्वास को गिरफ्तार कर लिया।
टॉलीगंज स्टूडियोपाड़ा का प्रभावशाली चेहरा रहे हैं स्वरूप
सालों तक टॉलीगंज फिल्म उद्योग और विभिन्न फिल्म संगठनों में स्वरूप विश्वास की मजबूत पकड़ मानी जाती रही है। तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में वह स्टूडियोपाड़ा के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते थे। फिल्म उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों और संगठनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
पहले भी उठते रहे हैं सवाल
टॉलीवुड के तकनीशियनों, कलाकारों और कुछ निर्देशकों द्वारा अतीत में भी स्वरूप विश्वास के खिलाफ असंतोष जताया जाता रहा है। हालांकि, राजनीतिक प्रभाव के कारण उनके खिलाफ किसी भी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगते रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पुराने विवादों की चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज
सिर्फ फिल्म जगत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्वरूप विश्वास के बड़े भाई अरूप विश्वास तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और लंबे समय तक राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में इस गिरफ्तारी के राजनीतिक प्रभावों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
पुलिस हिरासत की मांग करेगी पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा सके। जांच एजेंसियां शिकायत से संबंधित दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों को जुटाने में लगी हुई हैं।
सत्ता परिवर्तन के बाद कम हुई थी सक्रियता
राज्य में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद स्वरूप विश्वास की सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में कमी देखी गई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में आयोजित कई कार्यक्रमों और बैठकों में भी उनकी उपस्थिति कम रही थी। अब उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक और फिल्मी दोनों हलकों में नई बहस छेड़ दी है।