मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि आने वाला वर्ष "युवा वर्ष" के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में विभिन्न विभागों के समन्वय से नए कार्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए।
नैक की तर्ज पर बनेगी ‘सैक’
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तर्ज पर राज्य स्तर पर ‘सैक’ (State Assessment Council) के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
शहरी क्षेत्रों में खुलेंगे नए महाविद्यालय
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की बढ़ती जरूरत को देखते हुए नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएंगे। साथ ही पार्ट टाइम कॉलेज और सुबह-शाम की शिफ्ट में शिक्षण व्यवस्था पर भी जोर दिया जाएगा।
रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर, कृषि विज्ञान और अन्य व्यावसायिक विषयों के अध्ययन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
12वीं के बाद विद्यार्थियों को मिलेगी काउंसलिंग
उन्होंने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि छात्र अपनी रुचि और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार पाठ्यक्रमों का चयन कर सकें।
कृषि शिक्षा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कृषि स्नातक पाठ्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक विद्यार्थी कृषि पाठ्यक्रमों से जुड़े हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई दी।
100 नए शोध केंद्र होंगे स्थापित
प्रदेश में वर्तमान में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। गत वर्ष 83 नए शोध केंद्र शुरू किए गए थे और आने वाले समय में 100 नए शोध केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उच्च शिक्षा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धियां
- इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में 3 वर्षीय विमानन (BBA Aviation) पाठ्यक्रम शुरू।
- विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना।
- सकल नामांकन अनुपात (GER) में 1.8 प्रतिशत वृद्धि।
- गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय तथा आगर मालवा में लॉ कॉलेज की शुरुआत।
- 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों की पीजी कक्षाएं प्रारंभ।
डिजिटल शिक्षा और एआई पर विशेष जोर
प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। आईआईटी दिल्ली के सहयोग से 68 महाविद्यालयों में एआई (Artificial Intelligence) पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वहीं 8 महाविद्यालयों में AVGC लैब स्थापित की जा रही हैं, जो एनीमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देंगी।
राष्ट्रीय स्तर पर भी बना रहा है रिकॉर्ड
स्वयं पोर्टल पर जुलाई 2025 में 3.52 लाख से अधिक पंजीकरण कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। वहीं "वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन" पोर्टल पर प्रदेश के 618 उच्च शिक्षण संस्थान पंजीकृत हैं, जिसका लाभ 8 लाख से अधिक विद्यार्थी और शोधार्थी उठा चुके हैं।