मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों और कामकाजी नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए मेट्रो रेल व्यवस्था एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल तेजी से मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे हैं और आने वाले समय में लोक परिवहन व्यवस्था में मेट्रो की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मेट्रो रेल में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि मेट्रो को शहर की जीवनरेखा बनाने के लिए जनसहभागिता और बेहतर कनेक्टिविटी पर ध्यान देना आवश्यक है।
दो-तिहाई कार्य पूरे, शेष कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश
डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजनाओं के सभी चरणों के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। दोनों परियोजनाओं की समग्र प्रगति के दृष्टिकोण से लगभग दो-तिहाई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने प्रथम चरण के संचालन के बाद आगामी चरणों के कार्य भी तय समयसीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।
भोपाल मेट्रो: दिसंबर 2025 से शुरू हुआ संचालन
भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 में सुभाष नगर से एम्स तक 7.1 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर दिसंबर 2025 से संचालन शुरू हो चुका है। इस मार्ग पर 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं।
फेज-2
- सुभाष नगर से करोंद चौराहा तक 9.64 किलोमीटर सेक्शन
- 6 एलिवेटेड और 2 भूमिगत स्टेशन
- जून 2028 तक कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य
फेज-3
- भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहा तक 14.16 किलोमीटर लंबा सेक्शन
- 13 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित
इंदौर मेट्रो: चरणबद्ध तरीके से बढ़ रहा नेटवर्क
इंदौर मेट्रो परियोजना के फेज-1 के रीच-1 में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक 5.26 किलोमीटर सेक्शन का शुभारंभ मई 2025 में किया जा चुका है।
फेज-1 रीच-2
- सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर चौराहा
- 11.43 किलोमीटर लंबा सेक्शन
- कार्य लगभग पूर्ण
फेज-2
- शहीद बगीचा से खजराना चौराहा तक 1.77 किलोमीटर
- एयरपोर्ट से गांधी नगर तक 1.5 किलोमीटर
- जून 2028 तक पूर्ण होने का लक्ष्य
फेज-3
- खजराना चौराहा से एयरपोर्ट तक 11.59 किलोमीटर लंबा सेक्शन
- आगामी चरण में निर्माण कार्य होगा
मेट्रो से बदलेगी शहरी परिवहन व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होने से यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और नागरिकों को आधुनिक एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।