नई दिल्ली। समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में आयोजित हुई। बैठक में विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई और बताया गया कि रिपोर्ट एवं ड्राफ्टिंग का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
विधेयक के प्रारूप पर निर्णायक चर्चा
यूसीसी समिति की अध्यक्ष और सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यूसीसी विधेयक के प्रारूप पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक को विधेयक निर्माण प्रक्रिया में निर्णायक माना जा रहा है।
विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे विषयों पर चर्चा
इस बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जो समान नागरिक संहिता के प्रमुख घटक हैं। समिति ने इन सभी बिंदुओं को विधेयक के अंतिम प्रारूप में शामिल करने पर विचार किया।
रिपोर्ट का प्रारूप अंतिम चरण में
समिति सदस्य सचिव अजय कटेसरिया ने जानकारी दी कि रिपोर्ट की ड्राफ्टिंग अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के दो भाग होंगे,पहला भाग समिति की अनुशंसाओं का और दूसरा भाग जन परामर्श से जुड़े विवरणों का होगा।
समिति के सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह सहित समिति के सदस्य अनूप नायर, प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह और शोभा पैठणकर मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए। समिति ने संकेत दिया है कि जल्द ही अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी। यह रिपोर्ट यूसीसी विधेयक के अंतिम स्वरूप के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगी।