कोलकाता/मालदा: पश्चिम बंगाल में बंगाली नववर्ष (पोइला बैसाख) के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संक्रांति की पूर्व संध्या पर राज्य के बाजारों में 'चैত্র सेल' का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। कोलकाता के महानगर से लेकर उत्तर बंगाल के गौड़-बंग तक, हर तरफ खरीदारों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
कोलकाता: गरियाहाट और न्यू मार्केट में 'मेगा सेल'
कोलकाता के प्रसिद्ध गरियाहाट और हाथीबागন बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं है। यहाँ फुटपाथ से लेकर बड़े शोरूम्स तक में 30% से 60% तक की भारी छूट दी जा रही है। गरियाহাট में सूती साड़ियाँ और डिजाइनर कुर्तियाँ मात्र 100-200 रुपये से शुरू हो रही हैं, जिसे खरीदने के लिए दूर-दराज से लोग पहुँच रहे हैं। न्यू मार्केट के आसपास 'इंडियन सिल्क हाउस' जैसे प्रतिष्ठानों में भी भारी भीड़ देखी जा रही है। खरीदारों के दबाव के चलते मध्य कोलकाता और दक्षिण कोलकाता की प्रमुख सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।
गौड़-बंग: मालदा और रायगंज में भी रौनक
उधर उत्तर बंगाल में भी उत्साह कम नहीं है। मालदा के चित्तरंजन पुर बाजार और रायगंज के लाइन बाजार में दोपहर होते ही भीड़ बेकाबू हो रही है। यहाँ कपड़ों के अलावा बेड कवर, पर्दे और पीतल के बर्तनों की मांग सबसे अधिक है। रायगंज मर्चेंट एसोसिएशन के अनुसार, इस बार चैत्र सेल में पिछले साल के मुकाबले 20% अधिक बिक्री की उम्मीद है। व्यापारियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए 15% से 50% तक के 'डिस्काउंट बोर्ड' लगा रखे हैं।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
जहाँ लोग नए कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं, वहीं कॉलेज स्ट्रीट (बोईपाड़ा) में 'हालखाता' (नए खाता बही) और नई 'पंजिका' (पंचांग) की दुकानों पर भी व्यापारियों की भीड़ देखी जा रही है। गरियाहाट में खरीदारी करने आईं एक ग्राहक ने कहा, "ऑनलाइन शॉपिंग के बावजूद, चैत्र सेल के दौरान गरियाहाट की भीड़ में मोलभाव करके सामान खरीदने का आनंद ही कुछ और है।"
प्रशासन की सतर्कता
बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए कोलकाता पुलिस और मालदा प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और जेबकतरों पर लगाम कसी जा सके।
रात ढलते ही चैत्र संक्रांति और उसके बाद बंगाली नववर्ष की शुरुआत हो जाएगी। इस खास मौके पर बंगाल में नए कपड़े और घरेलू सामान खरीदने की पुरानी परंपरा है। चुनावी मौसम होने के बावजूद, उत्तर बंगाल के गौड़-बंग इलाके में 'चैत्र सेल' का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं और बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं है।
मालदा: छूट की होड़ और उमड़ते खरीदार
मालदा के देशबंधु चित्तरंजन पुर बाजार और आसपास की सड़कों पर कपड़ों की दुकानों की लंबी कतारें लगी हैं। अधिकांश दुकानों में 15% से लेकर 35% तक की छूट दी जा रही है, जबकि कुछ स्टोर 50% तक के भारी डिस्काउंट का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को लुभा रहे हैं। कपड़ों के अलावा बेड कवर, तकिया कवर, पर्दे और टेबल क्लॉथ जैसे घरेलू सामानों की मांग सबसे अधिक है। पीतल के बर्तन और घर सजाने की वस्तुओं की भी जमकर बिक्री हो रही है।
रायगंज और बालुरघाट में भारी जाम
रायगंज के मोहनबाटी और लाइन बाजार इलाके में रविवार दोपहर से ही भीड़ इतनी बढ़ गई कि सड़कों पर यातायात ठप हो गया। रायगंज मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव अतानु बंधु लाहिड़ी ने बताया कि कपड़ों के साथ-साथ फास्ट फूड और आइसक्रीम पार्लरों पर भी ग्राहकों का भारी दबाव देखा जा रहा है। वहीं, बालुरघाट के तहबाजार, न्यू मार्केट और बड़े शॉपिंग मॉल्स में भी यही स्थिति रही। खरीदार सोनाली मालाकार के अनुसार, नववर्ष से पहले खरीदारी का यह उत्साह परंपरा का हिस्सा है। व्यापारी सुब्रत सरकार ने बताया कि सुबह बाजार थोड़ा खाली था, लेकिन दोपहर के बाद भीड़ ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
परंपरा और उत्साह का संगम
खरीदारी करने आईं गृहिणी इंद्राणी चक्रवर्ती ने कहा, "वैसे तो दुर्गा पूजा में अधिक खरीदारी होती है, लेकिन नववर्ष पर परिवार को उपहार देना और घर को नए सामानों से सजाना हमारी संस्कृति है। इस बार भी इसमें कोई कमी नहीं आई है।" व्यापारियों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों तक बिक्री का यह ग्राफ इसी तरह ऊंचा बना रहेगा, जिससे इस साल का 'चैत्र सेल' पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मुनाफे वाला साबित हो सकता है।