लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन संविधान संशोधन बिल सरकार पास कराने में विफल रही। 21 घंटे की लंबी बहस के बाद सबसे पहले संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पर मतदान हुआ।
पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े
इस विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। मतदान में इसके पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े। कुल 528 सांसदों ने मतदान किया।बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, जो 352 वोट के बराबर होता है।
गिरा महिला आरक्षण और परिसीमन बिल
इसके बाद सरकार ने शेष दो विधेयकों—परिसीमन संशोधन संविधान विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026—पर मतदान कराने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि पिछले 11 वर्षों में यह पहला अवसर है जब केंद्र सरकार किसी महत्वपूर्ण विधेयक को लोकसभा में पारित कराने में असफल रही है। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में एक घंटे का संबोधन दिया था और कहा था कि यदि बिल पास नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की होगी।