जयपुर में निकाय चुनाव के लिए मतदान पूरा होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर उन वार्डों पर है, जिन्हें चुनाव की ‘हॉट सीट’ माना जा रहा है। इन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के चर्चित चेहरे आमने-सामने हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन मुकाबलों के नतीजे जयपुर के अगले महापौर की रेस को भी प्रभावित कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन चर्चित वार्डों में मतदान प्रतिशत में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। कहीं 53 प्रतिशत के आसपास वोट पड़े तो किसी वार्ड में 71 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान किया।
जयपुर की 5 हॉट सीटों पर किसका पलड़ा भारी?
वार्ड 76: 54.85% वोटिंग ने बढ़ाई धड़कनें
वार्ड 76 में भाजपा के पुनीत कर्णावट और कांग्रेस के प्रदीप जैन के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट पर कुल 54.85 प्रतिशत मतदान हुआ। कम मतदान प्रतिशत ने दोनों दलों के चुनावी समीकरणों को उलझा दिया है। अब नतीजे ही बताएंगे कि कम वोटिंग का फायदा किस प्रत्याशी को मिला।
वार्ड 43: सांगानेर में 53.65% मतदान
सांगानेर के वार्ड 43 में भाजपा के शैलेन्द्र भार्गव और कांग्रेस के आशीष शर्मा आमने-सामने हैं। यहां भी मतदान को लेकर मतदाताओं में अपेक्षाकृत कम उत्साह नजर आया और कुल 53.65 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। कम मतदान के कारण इस सीट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
वार्ड 112: 67.82% वोटिंग, इसलिए बनी सबसे चर्चित सीट
वार्ड 112 को चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में गिना जा रहा है। यहां मतदाताओं ने अन्य कई हॉट सीटों की तुलना में ज्यादा उत्साह दिखाया और 67.82 प्रतिशत मतदान हुआ। भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस के आशीष शर्मा के बीच मुकाबला है। ज्यादा मतदान ने इस सीट पर जीत-हार को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
वार्ड 110: पूर्व महापौर की प्रतिष्ठा दांव पर
वार्ड 110 में मुकाबला भाजपा की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल और कांग्रेस की सुनीता मेठी के बीच है। इस सीट पर 64.49 प्रतिशत मतदान हुआ। पूर्व महापौर के मैदान में होने के कारण यह वार्ड भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वार्ड 135: 71% से ज्यादा वोटिंग, मुकाबले पर नजर
वार्ड 135 में भाजपा के विमल कुमार अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के रवि कुमार शर्मा से है। यहां मतदाताओं ने जमकर मतदान किया और 71.13 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। अब इतनी अधिक वोटिंग किस उम्मीदवार के पक्ष में गई, इसका खुलासा मतगणना के बाद ही होगा।
जयपुर के इन वार्डों में 74% से ज्यादा मतदान
कुछ वार्ड ऐसे भी रहे जहां मतदाताओं ने बेहद उत्साह के साथ मतदान किया। सबसे ज्यादा मतदान वार्ड 150 में हुआ, जहां 83.70 प्रतिशत वोट पड़े।
| वार्ड संख्या | विधानसभा | कुल मतदाता | पड़े वोट | मतदान प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| वार्ड 150 | आमेर | 8,799 | 7,365 | 83.70% |
| वार्ड 148 | आमेर | 19,234 | 15,762 | 81.95% |
| वार्ड 149 | आमेर | 19,858 | 15,881 | 79.97% |
| वार्ड 126 | आदर्श नगर | 14,572 | 11,599 | 79.60% |
| वार्ड 117 | आदर्श नगर | 19,801 | 15,743 | 79.51% |
| वार्ड 1 | विद्याधर नगर | 13,776 | 10,811 | 79.48% |
| वार्ड 146 | हवामहल | 14,809 | 11,598 | 78.32% |
| वार्ड 61 | बगरू | 13,686 | 10,617 | 77.58% |
| वार्ड 51 | सांगानेर | 17,181 | 12,891 | 75.03% |
| वार्ड 128 | आदर्श नगर | 15,977 | 11,688 | 73.16% |
वार्ड 150 में 83.70 प्रतिशत मतदान इस सूची में सबसे अधिक रहा, जबकि वार्ड 128 में 73.16 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
इन वार्डों में 50% तक भी नहीं पहुंची वोटिंग
दूसरी ओर जयपुर के कुछ वार्ड ऐसे रहे जहां आधे मतदाता भी मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे। वार्ड 100 में सबसे कम 40.43 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
| वार्ड संख्या | विधानसभा | कुल मतदाता | पड़े वोट | मतदान प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| वार्ड 100 | सिविल लाइंस | 16,607 | 6,714 | 40.43% |
| वार्ड 66 | बगरू | 19,163 | 9,060 | 47.28% |
| वार्ड 42 | सांगानेर | 13,325 | 6,369 | 47.80% |
| वार्ड 90 | सिविल लाइंस | 23,789 | 11,511 | 48.40% |
| वार्ड 41 | सांगानेर | 17,639 | 8,632 | 48.94% |
| वार्ड 75 | मालवीय नगर | 11,821 | 6,006 | 50.81% |
| वार्ड 123 | आदर्श नगर | 11,501 | 5,921 | 51.49% |
वार्ड 100 और वार्ड 66 में मतदान प्रतिशत खास तौर पर कम रहा। ऐसे में इन क्षेत्रों में कम मतदान का चुनावी परिणाम पर क्या असर पड़ेगा, यह भी देखने वाली बात होगी।
अब नतीजों पर टिकी नजर, किसके सिर सजेगा जयपुर का ताज?
मतदान खत्म होने के बाद अब प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। खासकर उन वार्डों में जहां भाजपा और कांग्रेस के बड़े चेहरे आमने-सामने हैं, वहां हर वोट को निर्णायक माना जा रहा है। राजनीतिक चर्चाओं में इन सीटों को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यहां जीतने वाले प्रमुख चेहरों में से किसी एक का नाम जयपुर के अगले महापौर की रेस में आगे आ सकता है। हालांकि महापौर का अंतिम फैसला चुनावी प्रक्रिया और पार्टी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा। अब सभी की नजर मतगणना पर है- कौन सा बड़ा चेहरा अपनी सीट बचाता है और कौन सा उलटफेर जयपुर की सियासत का समीकरण बदल देता है।