माघ मेला हिंदू धर्म के अत्यंत पावन और प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है, जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होता है। पंचांग के अनुसार, माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है और इसका समापन फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर होता है। वर्ष 2026 में माघ मेले का आरंभ 3 फरवरी से हो चुका है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम—गंगा, यमुना और सरस्वती—में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, कुछ भक्त कल्पवास जैसी कठिन साधना भी करते हैं।
पुराणों में उल्लेख मिलता है कि माघ मेले के दौरान स्नान करने से हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है और माता गंगा की विशेष कृपा बनी रहती है, जिससे पापों का नाश होता है। यदि किसी कारणवश आप इस वर्ष माघ मेले में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो घर पर रहकर भी कुछ उपायों के माध्यम से पुण्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि घर बैठे माता गंगा को कैसे प्रसन्न किया जा सकता है।
इन 3 उपायों से करें माता गंगा को प्रसन्न—
- स्नान के जल में गंगाजल और काले तिल का तेल मिलाकर स्नान करें। इससे मानसिक शांति के साथ शरीर और मन की शुद्धि होती है तथा स्वास्थ्य लाभ की संभावना भी बढ़ती है। साथ ही, काले तिल का दान करना भी शुभ माना जाता है।
- स्नान के समय माता गंगा का स्मरण करते हुए “हर-हर गंगे” मंत्र का जाप करें। इससे माता गंगा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
- घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए माघ मेले के पावन दिनों में सुबह और शाम घर के मंदिर में माता गंगा का ध्यान करते हुए घी का दीपक जलाएं।
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