कोलकाता: बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को कथित दुष्कर्म और आपराधिक धमकी से जुड़े मामले में जमानत मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिनसुराह कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें राहत दी। पोरेल 11 अगस्त से हिरासत में थे और एक महीने से अधिक समय जेल में बिताने के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है।
मेडिकल छात्रा की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई
यह मामला एक मेडिकल छात्रा की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वह और अभिषेक पोरेल करीब साढ़े तीन साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों के बीच शादी की बात भी हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में उससे दूरी बना ली गई। पोरेल ने इन आरोपों से इनकार किया था।
निजी तस्वीरों को लेकर भी लगाए गए आरोप
शिकायत में कथित तौर पर निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए धमकी देने तथा ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने जुलाई में पुलिस को पोरेल को गिरफ्तार करने और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करने का निर्देश दिया था, ताकि कथित निजी सामग्री के प्रसार को रोका जा सके।
11 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
मोगरा पुलिस ने 11 अगस्त को अभिषेक पोरेल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें चिनसुराह अदालत में पेश किया गया, जहां शुरुआत में पुलिस हिरासत और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अगस्त में उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी और अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
अब जमानत के बाद रिहाई का इंतजार
करीब 37 दिनों तक जेल में रहने के बाद पोरेल को अब जमानत मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जमानत मिलने के बाद उनकी जेल से रिहाई अगले एक-दो दिनों में होने की उम्मीद थी। मामले में लगे आरोपों पर अंतिम फैसला अभी अदालत की कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।