India Tour of Sri Lanka 2026: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय टीम के एक फैसले ने चर्चा बढ़ा दी है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 9 विकेट पर 460 रन बना लिए थे और क्रीज पर प्रसिद्ध कृष्णा व कुलदीप यादव मौजूद थे। ऐसे में उम्मीद थी कि तीसरे दिन श्रीलंका की पारी शुरू होगी, लेकिन भारतीय टीम ने पहले अपने बचे हुए विकेट पूरे करने का फैसला किया। कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा बल्लेबाजी के लिए उतरे और भारत ने सिर्फ दो रन जोड़कर 462 रन पर पारी खत्म कर दी। इस फैसले को लेकर पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने सवाल उठाए हैं।
तीसरे दिन भी बल्लेबाजी करने उतरे टेल-एंडर्स
दूसरे दिन भारतीय पारी के 9 विकेट गिर चुके थे और टीम का स्कोर 460 रन था। कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा नाबाद थे। ऐसे में तीसरे दिन भारतीय टीम की ओर से इन दोनों बल्लेबाजों को क्रीज पर भेजा गया। कुलदीप ने एक गेंद खेली और खाते में एक रन जोड़ा। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने तीन गेंदों का सामना किया, एक रन बनाया और आउट हो गए। कृष्णा के विकेट के साथ ही भारतीय टीम की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हो गई। यानी तीसरे दिन भारत की पारी केवल चार गेंदों तक चली और स्कोर में सिर्फ दो रन जुड़े।
डोडा गणेश ने फैसले पर उठाया सवाल
भारत के इस फैसले पर पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाया। उनका कहना था कि तीसरे दिन सुबह दो टेल-एंडर्स को बल्लेबाजी के लिए भेजने की जरूरत क्या थी। उनके मुताबिक, भारत के पास पहले ही 460 रन का मजबूत स्कोर था। ऐसे में चार गेंदों के लिए बल्लेबाजी करने के बजाय भारतीय टीम सीधे श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए बुला सकती थी। डोडा गणेश का मानना है कि इस फैसले से कुछ समय ऐसा भी गया, जिसमें भारतीय गेंदबाजों को श्रीलंका के खिलाफ गेंदबाजी करने का मौका मिल सकता था।
4 गेंदों में खत्म हुई भारत की पारी
तीसरे दिन भारत ने अपनी पारी को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ चार गेंदें खेलीं। कुलदीप यादव ने एक गेंद पर एक रन बनाया, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने तीन गेंदों में एक रन बनाकर अपना विकेट गंवा दिया। इस तरह भारत ने दूसरे दिन के 460 रन के स्कोर में केवल दो रन जोड़े और पूरी टीम 462 रन पर ऑलआउट हो गई। यही छोटा सा बल्लेबाजी सत्र अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि जब टीम के पास पहले से बड़ा स्कोर मौजूद था, तब टेल-एंडर्स को बल्लेबाजी के लिए भेजने से कितना फायदा हुआ।
क्या इससे गेंदबाजों को मिल सकता था फायदा?
डोडा गणेश के तर्क के मुताबिक, अगर भारतीय टीम तीसरे दिन सीधे गेंदबाजी करने उतरती तो शुरुआती समय में गेंदबाजों को कुछ अतिरिक्त ओवर मिल सकते थे। खासकर टेस्ट मैच में पारी की शुरुआत के दौरान बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए गेंदबाजों को परिस्थितियों का फायदा उठाने का मौका मिल सकता था। हालांकि, यह पूरी तरह रणनीतिक फैसला था और टीम मैनेजमेंट ने टेल-एंडर्स को भेजने के पीछे क्या सोच रखी थी, इस पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
भारत की पहली पारी में पडिक्कल का शानदार शतक
भारत के 462 रन के स्कोर की सबसे बड़ी वजह देवदत्त पडिक्कल की शानदार 167 रन की पारी रही। उन्होंने 230 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और एक छक्का लगाया। पडिक्कल ने पारी के दौरान अलग-अलग साझेदारों के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। उन्होंने केएल राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 162 रन की साझेदारी की, जबकि ऋषभ पंत के साथ भी महत्वपूर्ण रन जोड़े। उनकी पारी ने भारत को गॉल की पिच पर एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
केएल राहुल और ध्रुव जुरेल ने भी जमाया रंग
केएल राहुल ने भी उपयोगी पारी खेलते हुए 82 रन बनाए। उन्होंने 175 गेंदों की अपनी पारी में 10 चौके और एक छक्का लगाया। राहुल ने पडिक्कल के साथ मिलकर भारत की पारी को शुरुआती मजबूती दी। वहीं ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक लगाया। उन्होंने 68 गेंदों पर 51 रन बनाए और टीम के स्कोर को बड़े आंकड़े तक पहुंचाने में योगदान दिया।
अब गेंदबाजों पर होगी जिम्मेदारी
भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाकर श्रीलंका पर दबाव बनाने की स्थिति तैयार कर दी है। अब भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों को जल्द से जल्द पवेलियन भेजकर टीम को बड़ी बढ़त दिलाई जाए। ऐसे में तीसरे दिन की शुरुआत में टेल-एंडर्स को बल्लेबाजी के लिए भेजने का फैसला कितना उपयोगी साबित होता है, इसका जवाब मैच के आगे बढ़ने के साथ ही मिलेगा।