IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों की नो-बॉल ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार ओवरस्टेपिंग पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाने का सुझाव दिया है। गावस्कर ने यह भी कहा कि गेंदबाजी कोच पर भी जुर्माने की आधी रकम लगाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि नो-बॉल जैसी गलती पर सख्ती से रोक लगाना जरूरी है।
कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने फेंकी 12 नो-बॉल
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 12 नो-बॉल फेंकीं। इनमें तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की सिर्फ एक नो-बॉल थी, जबकि बाकी नो-बॉल भारतीय स्पिनर्स के खाते में गईं। पहली पारी में सारांश जैन ने 2 और रवींद्र जडेजा ने 3 नो-बॉल फेंकीं। दूसरी पारी में सारांश जैन ने अकेले 5 नो-बॉल डालीं, जबकि जडेजा और मानव सुथार ने एक-एक नो-बॉल फेंकी।
सुनील गावस्कर ने क्यों जताई नाराजगी?
गावस्कर के मुताबिक नो-बॉल गेंदबाज के नियंत्रण में आने वाली ऐसी गलती है, जिसे आसानी से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में रन-अप को मापने के लिए तकनीक उपलब्ध है, ऐसे में ओवरस्टेपिंग का कोई मजबूत बहाना नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि लगातार नो-बॉल मैच का रुख बदल सकती हैं और टीम को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गेंदबाजी कोच के सुझाव पर भी गावस्कर ने उठाए सवाल
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच सायराज बहुतुले ने मजाक में टेस्ट क्रिकेट में भी नो-बॉल के बाद फ्री-हिट देने का सुझाव दिया था। गावस्कर इससे सहमत नहीं दिखे। उन्होंने तर्क दिया कि टेस्ट क्रिकेट में फ्री-हिट का नियम लागू करने से बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान हो जाएगा।
गावस्कर का अनोखा सुझाव- हर गलती पर बढ़े जुर्माना
सुनील गावस्कर ने सुझाव दिया कि नो-बॉल की गलती पर जुर्माना हर बार बढ़ाया जाए। उनके मुताबिक पहली गलती पर एक रकम और अगली बार उससे दोगुना जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गेंदबाजी कोच पर भी जुर्माने की आधी रकम लगाई जाए। गावस्कर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जुर्माने की रकम का इस्तेमाल टीम के अंतिम डिनर के लिए किया जा सकता है।
आखिरी दिन गेंदबाजों पर उठे थे सवाल
कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम आखिरी दिन श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट नहीं कर सकी और मुकाबला ड्रॉ हो गया। इसके बाद गेंदबाजों की रणनीति और अनुशासन पर सवाल उठे। जडेजा की नो-बॉल को लेकर भी गावस्कर ने चिंता जताई। उनके मुताबिक ऐसी गलतियों को गंभीरता से लेने और टीम स्तर पर सुधार करने की जरूरत है।
गावस्कर ने टीम में अनुशासन के लिए सुझाया मजेदार तरीका
गावस्कर ने कहा कि सिर्फ नो-बॉल ही नहीं, बल्कि थ्रो के दौरान बैक-अप नहीं लेने जैसी छोटी गलतियों पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है। टीम के खिलाड़ी मिलकर ऐसी गलतियों और जुर्माने के नियम तय कर सकते हैं। उनका मानना है कि इससे अनुशासन के साथ-साथ टीम के खिलाड़ियों के बीच तालमेल भी बेहतर हो सकता है।