नई दिल्ली - इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में टीम इंडिया उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। इस खराब प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम चयन और युवा खिलाड़ियों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
"वैभव सूर्यवंशी जनरेशन बदलने वाला टैलेंट"
मोहम्मद कैफ ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वैभव सामान्य खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक "जनरेशनल टैलेंट" हैं। पूर्व भारतीय खिलाड़ी कैफ ने कहा कि, आप सूर्यवंशी जैसे टैलेंट को कैसे बैठा सकते हो? ऐसा खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलता है। उसने रबाडा, बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की है।
फ्लैट पिच वाले तर्क को किया खारिज
टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज कैफ ने उन आलोचनाओं को भी खारिज किया, जिनमें कहा जाता है कि वैभव ने सिर्फ फ्लैट पिचों पर रन बनाए हैं। उन्होंने कहा कि, अगर फ्लैट पिच ही वजह होती तो बाकी बल्लेबाज भी उतने ही रन बनाते। वैभव ने अपनी प्रतिभा साबित की है। आपको एक हीरा मिला था, लेकिन आप उसे सही तरीके से तराश नहीं पाए।"
"ड्रॉप करना बिल्कुल सही फैसला नहीं था"
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि, वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर करना गलत फैसला था। पूर्व भारतीय बल्लेबाज के अनुसार युवा बल्लेबाज को लगातार मौके देकर आत्मविश्वास बढ़ाया जाना चाहिए था, न कि शुरुआती संघर्ष के बाद बाहर कर दिया जाता।
अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन भी बताई
मोहम्मद कैफ ने टीम इंडिया की आदर्श बल्लेबाजी संयोजन पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा टी20 टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी तीन ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्हें हर हाल में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होना चाहिए। कैफ के इस बयान के बाद टीम चयन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इंग्लैंड दौरे पर मिली करारी हार के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय टीम प्रबंधन ने युवा प्रतिभाओं का सही तरीके से उपयोग किया या नहीं।