लॉर्ड्स - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेली जा रही इस ऐतिहासिक भिड़ंत की दूसरी पारी में यस्तिका ने धैर्य और शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया। यह उनके करियर का सिर्फ चौथा टेस्ट मैच था और इसी मुकाबले में उन्होंने पहली बार तीन अंकों का आंकड़ा छू लिया।
लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर
विकेटकीपर-बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने अपनी इस शानदार पारी के साथ एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह लॉर्ड्स मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। क्रिकेट के 'मक्का' कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक मैदान पर उनकी यह पारी भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक यादगार उपलब्धि बन गई।
तीसरे दिन पूरा किया शतक
महिला टेस्ट के तीसरे दिन विकेटकीपर-बल्लेबाज यस्तिका ने अपनी अधूरी पारी को आगे बढ़ाया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वह 39 रन बनाकर नाबाद लौटी थीं। तीसरे दिन उन्होंने संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी जारी रखी, पहले अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर शानदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया।
स्मृति मंधाना शतक से चूकीं
विकेटकीपर-बल्लेबाज यस्तिका की शानदार पारी के दौरान अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना भी बेहतरीन लय में नजर आईं। हालांकि, वह अपने शतक से चूक गईं और 70 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद यस्तिका ने जिम्मेदारी संभालते हुए अपनी पारी को शतक तक पहुंचाया और भारतीय टीम की स्थिति मजबूत की।
पिछले तीन टेस्ट से ज्यादा रन एक ही पारी में
यस्तिका भाटिया की इस शतकीय पारी की खास बात यह भी रही कि उन्होंने एक ही पारी में अपने पिछले तीन टेस्ट मैचों के कुल रन से अधिक रन बना दिए। इससे पहले वह टेस्ट क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सकी थीं, लेकिन लॉर्ड्स में उन्होंने अपने करियर की यादगार पारी खेलकर आलोचकों को भी करारा जवाब दिया।यस्तिका की यह ऐतिहासिक पारी भारतीय महिला क्रिकेट के लिए लंबे समय तक याद रखी जाएगी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।