अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और कथित जबरन हलाला से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। बन्नादेवी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद पति ने कथित तौर पर उसे तीन तलाक दे दिया। महिला के अनुसार, दोबारा साथ रखने के लिए उसके सामने हलाला की शर्त रखी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और करीब 15 दिनों तक एक कमरे में बंद रखा गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शादी में लाखों खर्च के बाद दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, महिला की शादी भुजपुरा क्षेत्र निवासी मोहम्मद आरिफ से हुई थी। परिवार का दावा है कि शादी के दौरान करीब 15 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। इसके बावजूद शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से कथित तौर पर दहेज की मांग जारी रही। महिला ने आरोप लगाया कि मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। मामले को लेकर पहले भी बन्नादेवी थाने में शिकायत की गई थी। विवाद बढ़ने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा था। परिजनों के मुताबिक, आरोपी पक्ष की ओर से माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
अलग मकान में रहने के बाद फिर बढ़ा विवाद
पीड़िता का आरोप है कि समझौते के बाद उसे ससुराल परिसर में ही एक अलग छोटे मकान में रखा गया। महिला के मुताबिक, कुछ समय बाद वहां भी पति के साथ उसका विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि पति ने उसके साथ मारपीट की और कहा कि वह उसे तीन तलाक दे चुका है। महिला का दावा है कि इसके बाद दोबारा साथ रहने के लिए उसके सामने कथित तौर पर हलाला की शर्त रखी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस शर्त को लेकर उस पर दबाव बनाया गया। महिला ने अपनी शिकायत में इस पूरी प्रक्रिया को जबरन कराए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
15 दिन कमरे में बंधक रखने का दावा
महिला ने अपने पति के भाइयों असलम, आदिल और आरिश के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसे करीब 15 दिनों तक एक कमरे में कथित तौर पर बंद रखा गया। पीड़िता का दावा है कि इसी दौरान एक मौलवी को बुलाकर देवर आदिल के साथ उसका निकाह कराया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसे करीब आठ दिनों तक इस रिश्ते में रहने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे कथित तौर पर धमकियां दी गईं। शिकायत में तेजाब डालने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रात में WhatsApp से मांगी मदद
पीड़िता के अनुसार, उसे 9 सितंबर की रात करीब 2:15 बजे मदद मांगने का मौका मिला। महिला ने बताया कि उसने WhatsApp के जरिए अपनी बहन और दुबई में रहने वाले भाई को संदेश भेजकर पूरी घटना की जानकारी दी। संदेश मिलने के बाद परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कथित तौर पर कमरे का ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसपी सिटी ने दिए जांच के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद करणी सेना के पदाधिकारी भी पीड़िता के साथ एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से महिला की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी आदित्य बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता ने अपने पति मोहम्मद आरिफ और उसके भाइयों आदिल, असलम व आरिश के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।