वाराणसी। संत गुरु रविदास 03की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर वाराणसी में आयोजित भाजपा के 'समरसता संकल्प अभियान' के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया गया था, लेकिन भाजपा संतों और महापुरुषों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि वह इस विषय पर चर्चा करेंगे और जिले का नाम दोबारा संत रविदास नगर किए जाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यदि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है तो यह प्रदेश के प्रमुख प्रशासनिक और राजनीतिक फैसलों में से एक होगा।
वाराणसी से शुरू हुआ 'समरसता संकल्प अभियान'
संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने वाराणसी से समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समाज को बांटने वालों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने का काम करते हैं, वे कभी संतों के विचारों को स्वीकार नहीं कर सकते।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के आदर्श बाबर और औरंगजेब जैसे शासक रहे हैं, जबकि भारतीय संत परंपरा समाज को जोड़ने और समानता का संदेश देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने सामाजिक समरसता, समान अधिकार और मानवता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
संत रविदास नगर नाम बहाल करने की कही बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान पड़ोसी जिले संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संतों और महापुरुषों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।उन्होंने मंच से कहा कि सरकार इस विषय पर विचार करेगी और जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास ने अपने जीवन के माध्यम से सामाजिक समानता, भाईचारे और भेदभाव मुक्त समाज की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि संतों के आदर्शों को केवल स्मरण न किया जाए, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारा जाए।उन्होंने लोगों से सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया
समरसता संकल्प अभियान को लेकर वाराणसी शहर में व्यापक तैयारियां की गई थीं। प्रमुख चौराहों, सड़कों और कार्यक्रम स्थलों को होर्डिंग, स्वागत द्वार और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सीरगोवर्धन स्थित संत गुरु रविदास मंदिर परिसर को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप दिया गया। इसके अलावा बीएचयू गेट स्थित महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र को भी सजाया गया।