प्रयागराज: प्रयागराज के रामबाग RPF थाने से हिरासत में रखा गया चोरी का आरोपी सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों को चकमा देकर थाने से बाहर निकल गया। घटना की जानकारी मिलते ही RPF अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी की तलाश में रामबाग स्टेशन और आसपास के इलाकों में अभियान चलाया गया। संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। प्रथम दृष्टया सुरक्षा में लापरवाही सामने आने पर दो RPF कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले में FIR दर्ज कर पुलिस और RPF की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं।
ई-रिक्शा से रेलवे का सामान चोरी करने के आरोप में पकड़ा गया था
रामबाग RPF ने सोमवार को एक ई-रिक्शा से रेलवे का चोरी का सामान बरामद किया था। बरामद सामान में आठ पेंड्रोल क्लिप समेत अन्य रेलवे सामग्री शामिल थी। इस मामले में वाराणसी निवासी राजू और झूंसी निवासी मोनू को पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के बाद दोनों को रामबाग RPF थाने में हिरासत में रखा गया था। मंगलवार को दोनों आरोपियों को वाराणसी की अदालत में पेश किए जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान हिरासत में मौजूद मोनू ने बाथरूम जाने की बात कही।
बाथरूम जाने की बात कहकर जवानों को दिया चकमा
जानकारी के मुताबिक, मोनू के बाथरूम जाने की बात कहने के बाद उसे थाने से बाहर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान उसने सुरक्षा में तैनात RPF कर्मचारियों को चकमा दे दिया। मौका मिलते ही वह थाने से बाहर निकलकर फरार हो गया। कुछ समय बाद जब आरोपी के वहां मौजूद नहीं होने की जानकारी हुई तो कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को तत्काल घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद रामबाग स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की गई। पुलिस और RPF टीमों ने संभावित ठिकानों पर भी तलाश की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
पहरा और जीडी ड्यूटी के बावजूद भाग निकला आरोपी
घटना के समय RPF थाने में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों की ड्यूटी लगी हुई थी। RPF सिपाही सुरेंद्र गौतम पहरा ड्यूटी पर तैनात था। वहीं, हेड कांस्टेबल राम नगीना जीडी ड्यूटी संभाल रहे थे। इसके बावजूद हिरासत में रखा आरोपी थाने से बाहर निकलने में कामयाब हो गया। घटना के बाद थाने की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी में लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे। अधिकारियों ने शुरुआती जांच में दोनों कर्मचारियों की लापरवाही मानी। इसके बाद दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
फरार आरोपी समेत तीन के खिलाफ FIR
मामले में RPF इंस्पेक्टर दयाशंकर यादव की तहरीर पर प्रयागराज जीआरपी में मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में फरार आरोपी मोनू के अलावा RPF सिपाही सुरेंद्र गौतम और हेड कांस्टेबल राम नगीना को भी आरोपी बनाया गया है। कर्मचारियों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है। वहीं, फरार आरोपी के खिलाफ हिरासत से भागने के मामले में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और RPF की टीमें आरोपी की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
दो RPF कर्मचारियों को किया गया निलंबित
घटना के बाद RPF अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रथम दृष्टया सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मानते हुए सिपाही सुरेंद्र गौतम और हेड कांस्टेबल राम नगीना को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में रखे गए आरोपी की निगरानी में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए थी। दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान आरोपी के फरार होने को गंभीर लापरवाही माना गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है। निलंबन की पुष्टि पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के सीनियर DSC पंकज चुघ ने की है। उन्होंने बताया कि मामले में FIR दर्ज कराई गई है और विभागीय कार्रवाई भी जारी है।