लखनऊ- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर बिना किसी का नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग हर मुद्दे पर सबसे आगे रहकर श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, वे इस गंभीर मामले में सामने आने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनाक्रोश और आरोपों से बचने के लिए कुछ लोगों को आगे कर सफाई दिलाने की कोशिश की जा रही है।
'सुरंगजीवियों को अब बाहर आना ही पड़ा'
शनिवार को सोशल मीडिया पर किए गए अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि "आखिरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा, क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है।" उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासी और दुनिया भर के सनातनी श्रद्धालु, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया, अब जवाब मांग रहे हैं कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोग सामने क्यों नहीं आ रहे।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह भी एक रणनीति है, जिसमें असली जिम्मेदार लोग खुद को बचाने के लिए दूसरों को आगे कर रहे हैं ताकि जनता के गुस्से और आरोपों से बचा जा सके।
'सत्य एक दिन सबके सामने आएगा'
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कथित तौर पर सेंध लगाकर दूर निकल गए हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि जहां उनकी सुरंग खत्म होगी, वहां सत्य उनका इंतजार कर रहा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को न अयोध्या माफ करेगी, न देश और न ही भगवान राम, जिनके नाम पर जुटाई गई श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया।
मुंबई से आए प्रतिनिधिमंडल ने दिया समर्थन
इसी दौरान लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में मुंबई में रहने वाले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का तन-मन-धन से समर्थन करने का भरोसा दिया। इस बैठक का आयोजन समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव ने किया, जिसमें महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी मौजूद रहे।
लोधी समाज के कई नेताओं ने थामा सपा का दामन
शनिवार को ही समाजवादी पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर भी मजबूती मिली। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की मौजूदगी में राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज लोधी सहित लोधी समाज के कई प्रमुख नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने जनाधार के विस्तार की दिशा में अहम कदम बताया।