लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच योगी सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में रिकॉर्ड मांग के बावजूद रोस्टर से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जा रही है। सरकार के मुताबिक 26 और 27 मई के दौरान कई बार बिजली आपूर्ति ने नए रिकॉर्ड बनाए और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली आपूर्ति
सरकार के अनुसार 26 मई को प्रदेश में 28,125 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई, जबकि 26 और 27 मई की रात 2:37 बजे सबसे अधिक 30,337 मेगावाट बिजली सप्लाई दर्ज की गई। इसके अलावा रात 10 बजे 27,515 मेगावाट और रात 12 बजे 26,984 मेगावाट बिजली दी गई। 27 मई की सुबह और दोपहर में भी लगातार उच्च स्तर पर आपूर्ति जारी रही। सरकार का कहना है कि बढ़ती मांग के बावजूद बिजली व्यवस्था को स्थिर बनाए रखा गया है।
शहरों से गांव तक निर्बाध आपूर्ति का दावा
योगी सरकार का कहना है कि महानगरों, जिला मुख्यालयों और तहसील क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी 22 से 22.30 घंटे तक बिजली दी जा रही है। सरकार के मुताबिक भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत देने के लिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कहीं भी लंबे समय तक बिजली बाधित न हो।
आंधी-तूफान के बाद भी तेजी से हुआ मरम्मत कार्य
ऊर्जा विभाग के अनुसार 25 और 26 मई की रात आए तेज आंधी-तूफान की वजह से कई जिलों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभागीय टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। विभाग का दावा है कि ज्यादातर क्षेत्रों में कम समय के भीतर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
फील्ड में दिन-रात काम कर रही टीमें
निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तय रोस्टर से ज्यादा बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार फील्ड में मौजूद हैं और बिजली व्यवस्था की उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना सरकार की प्राथमिकता है।
विपक्ष लगातार उठा रहा बिजली कटौती का मुद्दा
प्रदेश में बिजली संकट को लेकर विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमलावर है। कई जिलों में लोगों ने बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन भी किए हैं। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार के दावे जमीनी हकीकत से अलग हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि रिकॉर्ड मांग के बावजूद प्रदेश की बिजली व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।