नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें कुल आठ उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। हालांकि इसमें हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं है। इस लिस्ट में दो ब्राह्मण चेहरे हैं जबकि एक राजपूत चेहरा भी है। वहीं दो महिलाओं को भी जगह दी गई है। भाजपा के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में इन आठ नामों की घोषणा की गई। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है। लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
उम्मीदवारों के नाम और प्रोफाइल
भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह का नाम प्रमुख है। इसके अलावा राधाकांत ओझा प्रकाश पाल विद्यसागर सोनकर गोपी कृष्ण पांडेय प्रियंका सिंह रावत राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। इन नामों में संगठनात्मक पृष्ठभूमि और विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व साफ दिखता है। दो महिलाओं को जगह देकर पार्टी ने लैंगिक संतुलन भी साधने की कोशिश की है। ब्राह्मण और राजपूत चेहरों के साथ अन्य वर्गों को शामिल किया गया है। चयन प्रक्रिया में अनुभव और क्षेत्रीय ताकत दोनों को महत्व दिया गया।
हरदीप सिंह पुरी का नाम नहीं
लिस्ट में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं होने से चर्चा शुरू हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषक इस फैसले को लेकर अटकलें लगा रहे हैं। पार्टी ने आधिकारिक रूप से किसी स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है। बाकी उम्मीदवारों के चयन को संगठनात्मक और सामाजिक आधार पर उचित ठहराया जा रहा है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति साफ तौर पर संख्या बल और समीकरणों पर टिकी हुई है। पुरी के बाहर रहने से अन्य चेहरों को मौका मिला है।
16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तिथि छह अक्टूबर है। 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत है। चुनाव में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए करीब 37 विधायकों के मतों की जरूरत है। भाजपा गठबंधन के पास आठ सीटों पर जीत की स्थिति बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल है हालांकि मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में आठवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।
समीकरण और आगे की रणनीति
पार्टी ने उम्मीदवार चयन में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी है। संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं को आगे बढ़ाया गया है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा गठबंधन आठ सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है। बाकी सीटों पर प्रतिस्पर्धा हो सकती है। नामांकन प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और प्रचार भी तेज होने की उम्मीद है। राज्यसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पार्टी की लिस्ट से साफ है कि वह संतुलित प्रतिनिधित्व पर जोर दे रही है।