UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट भुगतान पर नए MDR नियम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे समय में जब महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े कई मुद्दे हैं, ऐसे चार्ज नहीं बढ़ाए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि किन परिस्थितियों में यह चार्ज बढ़ाया गया है और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।
निषाद पार्टी प्रमुख ने लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोगों का बोझ कम करना, उन्हें सुविधाएं देना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आम लोगों को परेशानी न हो।
15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR
NPCI के नए फ्रेमवर्क के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। 75,000 रुपये और उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है।यह शुल्क मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक से UPI भुगतान करने पर अलग से MDR नहीं लिया जाएगा।
2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पर असर नहीं
नए नियमों के तहत 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन किसी भी राशि के लिए शुल्क-मुक्त रहेंगे।सरकार के मुताबिक करीब 96% P2M UPI ट्रांजैक्शन इस नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
3,000 रुपये के भुगतान पर कितना MDR?
उदाहरण के तौर पर 3,000 रुपये के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4% की दर से 12 रुपये MDR बनेगा।यह राशि भुगतान व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग भागीदारों के बीच साझा की जाएगी। MDR का उद्देश्य UPI भुगतान व्यवस्था के संचालन और विस्तार से जुड़े खर्चों को सपोर्ट करना बताया गया है।
75 हजार या उससे ज्यादा पर 300 रुपये की अधिकतम सीमा
75,000 रुपये और उससे अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा।यानी 75,000 रुपये से अधिक की राशि होने पर भी इस श्रेणी में MDR 300 रुपये से ज्यादा नहीं होगा।
जरूरी सेवाओं के लिए अलग MDR
रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक एवं कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR रखा गया है।वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर्स से जुड़े भुगतान पर 0.02% MDR, अधिकतम 300 रुपये की सीमा के साथ लागू होगा।
छोटे व्यापारियों को राहत
छोटे व्यापारियों को भी नए ढांचे में राहत दी गई है। UPI QR के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे व्यापारियों के लिए शून्य MDR का प्रावधान रखा गया है।ऐसे में नया MDR मुख्य रूप से निर्धारित सीमा से ऊपर के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन को प्रभावित करेगा, जबकि छोटे भुगतान और P2P ट्रांसफर शुल्क-मुक्त रहेंगे।