अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दूसरी बार अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण करना नहीं, बल्कि अयोध्या को धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से वैश्विक पहचान दिलाना भी है। उन्होंने कहा कि रामनगरी में बीते कुछ वर्षों में जो परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं, वे स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं।
आस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, पुराने घटनाक्रम का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज धार्मिक आस्था की बात कर रहे हैं, वे अतीत में ऐसे कार्यों से जुड़े रहे हैं जिनसे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने जैसी घटनाएं उसी मानसिकता का परिणाम थीं। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि क्या किसी अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल पर इसी प्रकार का आयोजन संभव है और यदि नहीं, तो ऐसी घटनाओं को उस समय क्यों होने दिया गया। उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
'साफ नीयत और स्पष्ट नीति से मिलता है सफलता का मार्ग'
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट और जनहित के प्रति समर्पित हो, तो विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। उन्होंने कहा कि नीति स्पष्ट होने पर परिस्थितियां भी अनुकूल होती चली जाती हैं और समाज का सहयोग स्वतः प्राप्त होता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में आज जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह प्रभु श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान की कृपा के साथ-साथ जनविश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में अयोध्या धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का एक आदर्श केंद्र बनेगी।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर आधारभूत ढांचे तक विकास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी जिन परियोजनाओं को असंभव बताया जाता था, वे आज धरातल पर दिखाई दे रही हैं। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अयोध्या देश के प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ चुकी है। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अनेक विकास योजनाओं का विरोध किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें प्राथमिकता देकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, हवाई संपर्क, पर्यटन और धार्मिक अवसंरचना के क्षेत्र में हुए निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
रामनगरी के ऐतिहासिक परिवर्तन को सरकार की उपलब्धि बताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में जो परिवर्तन आज दिखाई दे रहा है, वह कई शताब्दियों के संघर्ष और करोड़ों लोगों की आस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अनेक संतों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने रामजन्मभूमि से जुड़े विषय पर संघर्ष किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन अयोध्या पहुंच रहे हैं और राम मंदिर के निर्माण के बाद पूरी दुनिया का ध्यान इस नगरी की ओर आकर्षित हुआ है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और धार्मिक पर्यटन के नए अध्याय के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी अयोध्या के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।