गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के चौरी-चौरा में भोपा बाजार रेल पुल के लोकार्पण के बाद आयोजित जनसभा में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सड़कों पर अराजकता पैदा करने और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर के लिए 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। उनका संबोधन विकास कार्यों के साथ विपक्ष पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों के कारण भी चर्चा में रहा।
अखिलेश यादव के कार्यकाल को लेकर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश का युवा पहचान के संकट से जूझ रहा था और प्रदेश में अपराध तथा माफिया गतिविधियों का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि उस समय हर जिले में माफिया सक्रिय थे। योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई की है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बहन-बेटियों की सुरक्षा मजबूत हुई है। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप और अपनी सरकार के कामकाज को लेकर किए गए दावे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस और सपा को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उनकी सरकारों के दौरान युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए और उन्होंने रोजगार छीनने का काम किया। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों दल देश में अस्थिरता का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। हालांकि, रोजगार और अस्थिरता को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में उन्होंने सभा के दौरान विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए। इन बयानों को मुख्यमंत्री की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
शहीद बंधू सिंह और चौरी-चौरा के क्रांतिकारियों को किया याद
जनसभा में मुख्यमंत्री ने चौरी-चौरा की ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के योगदान को याद किया। उन्होंने शहीद बंधू सिंह सहित उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। योगी ने कहा कि इस धरती ने देश को गौरवशाली पहचान दी है और शहीदों का सम्मान करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भोपा बाजार रेल पुल सहित विकास परियोजनाओं को शहीदों के सम्मान और क्षेत्र की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि विकास के माध्यम से ऐतिहासिक विरासत को भी सम्मान दिया जाना चाहिए।
नेहरू और मालवीय की भूमिका का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने चौरी-चौरा कांड के बाद चले मुकदमों का उल्लेख करते हुए जवाहरलाल नेहरू और पंडित मदन मोहन मालवीय की भूमिका पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस घटना में 172 लोगों को आरोपित बनाया गया था और जवाहरलाल नेहरू उनकी पैरवी के लिए आगे नहीं आए। योगी के अनुसार, पंडित मदन मोहन मालवीय ने आरोपितों की ओर से मजबूत कानूनी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप 151 लोगों को आरोपों से राहत मिली। मुख्यमंत्री ने इस प्रसंग को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि चौरी-चौरा की घटना का प्रभाव इतना व्यापक था कि कांग्रेस नेतृत्व को अपना आंदोलन रोकना पड़ा।
विकास परियोजनाओं को सरकार की उपलब्धि बताया
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के लिए 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें सरकार के विकास कार्यों का हिस्सा बताया। भोपा बाजार रेल पुल का लोकार्पण भी इसी क्रम में किया गया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। अपने संबोधन में योगी ने कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि विपक्ष का ध्यान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने पर केंद्रित है। इस तरह चौरी-चौरा की सभा में मुख्यमंत्री ने विकास, कानून-व्यवस्था और ऐतिहासिक विरासत के मुद्दों के साथ कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी पर कई राजनीतिक आरोप लगाए।