चम्पावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आदर्श चम्पावत की परिकल्पना के अनुरूप जनपद में विज्ञान शिक्षा साहसिक पर्यटन और पर्यटक सुविधाओं के विकास को गति दी जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लगभग 55.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक साइंस सेंटर उसके समीप विकसित की जा रही साहसिक खेल एवं पर्यटन सुविधाओं तथा चाय बागान में संचालित विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति संसाधनों की उपलब्धता और कार्य पूर्ण करने की समयसीमा की समीक्षा की।
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित
जिलाधिकारी ने बताया कि साइंस सेंटर का निर्माण चम्पावत सहित कुमाऊं मंडल और प्रदेश के बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में सीखने तथा वैज्ञानिक विषयों को बेहतर ढंग से समझने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह केंद्र विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने के साथ ही प्रयोग आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
साइंस सेंटर के समीप विकसित की जा रही साहसिक खेल एवं पर्यटन सुविधाओं का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से जनपद में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलेगा और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।
पर्यटक सुविधाओं का जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने चाय बागान में लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही पर्यटक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए इको हट्स इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा भ्रमण के लिए मार्ग एवं ट्रेल सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य चाय बागान की प्राकृतिक विशेषताओं से पर्यटकों को जोड़ना और उन्हें बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि अंतिम चरण में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों में वृद्धि की जाए। उन्होंने नवंबर माह में पूर्ण किए जा सकने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक स्थल पर निर्माण कार्यों की स्थिति और शेष कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
धनराशि आवंटन की आवश्यकता
कुछ कार्यों के लिए धनराशि आवंटन की आवश्यकता और वर्षा के कारण रोड़ी-बजरी सहित निर्माण सामग्री की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से वार्ता की गई है। इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं की गति बढ़ाना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि परियोजनाओं के जो हिस्से आगामी 15 से 20 नवंबर तक पूर्ण किए जा सकते हैं उन्हें तैयार कर जनता को समर्पित किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में संचालित विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विज्ञान शिक्षा साहसिक पर्यटन और पर्यटक सुविधाओं के क्षेत्र में चम्पावत को नई पहचान मिल सके।