बाजपुर : बाजपुर में मतदाता सूची में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं एसडीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मतदान के अधिकार से वंचित
जानकारी के अनुसार पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि वह पूरी तरह जीवित है लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत दर्ज कर दिया गया। इसके चलते उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया जिससे वह अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो गया। पीड़ित ने कहा कि अब उसे खुद को जीवित साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी लापरवाही के कारण एक जीवित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पीड़ित का नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में दोबारा शामिल करने की मांग भी उठाई।
मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस तरह की त्रुटियों को नहीं सुधारा गया तो अन्य लोगों के साथ भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने मतदाता सूची के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
वहीं एसडीएम ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि संबंधित व्यक्ति पात्र पाया जाता है तो नियमानुसार उसका नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा।