नई दिल्ली/देहरादून: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर टिकट और वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगने वाले बड़े साइबर नेटवर्क का उत्तराखंड एसटीएफ ने खुलासा किया है। करीब डेढ़ महीने तक चली डिजिटल निगरानी और तकनीकी जांच के बाद एसटीएफ ने बिहार के नालंदा जिले से गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
143 फर्जी वेबसाइट और 27 व्हाट्सएप नंबरों की जांच
एसटीएफ की चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्रॉड सेल ने जांच के दौरान 143 संदिग्ध यूआरएल, फर्जी वेबसाइटों और 27 व्हाट्सएप नंबरों की पड़ताल की। अब तक 300 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक और 100 से ज्यादा संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर ब्लॉक कराए जा चुके हैं।
ऐसे देते थे श्रद्धालुओं को झांसा
जांच में सामने आया कि साइबर ठग आईआरसीटीसी की असली वेबसाइट से मिलते-जुलते यूआरएल बनाकर लोगों को भ्रमित करते थे। गूगल सर्च पर फर्जी विज्ञापन चलाकर अपनी वेबसाइट को ऊपर दिखाते थे और फिर व्हाट्सएप कॉल या मैसेज के जरिए नकली क्यूआर कोड भेजकर रकम वसूलते थे।
VIP दर्शन और कन्फर्म टिकट का लालच
गिरोह के सदस्य खुद को अधिकृत हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता या एजेंट बताकर फर्जी सोशल मीडिया पेज और वेबसाइट संचालित करते थे। श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन, तत्काल कन्फर्म टिकट और सीमित सीटों का झांसा देकर विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद भुगतान करवाकर उनसे ठगी की जाती थी।
बैंक खातों का इस्तेमाल कर निकालते थे रकम
ठगी की रकम जमा करने के लिए गिरोह अलग-अलग लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किया जाता था। बाद में एटीएम के जरिए पैसे निकालकर गिरोह के सदस्यों के बीच 15 से 25 प्रतिशत तक कमीशन बांटा जाता था।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) में कई शिकायतें दर्ज मिलीं। व्हाट्सएप चैट से बैंक खाते, एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और इसके अन्य सदस्य अभी फरार हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जारी की गई सलाह
एसटीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि हेलिकॉप्टर टिकट की बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही करें। किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया पेज या व्हाट्सएप नंबर पर भरोसा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।