देहरादून: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 23 मई को एक ही दिन में 1 लाख 2 हजार 864 श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए, जो इस सीजन का सबसे बड़ा एकदिवसीय आंकड़ा बन गया। यात्रा शुरू होने से अब तक कुल 20 लाख 86 हजार 341 श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, प्रशासन अलर्ट
चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने से कई जगहों पर लंबा जाम और भारी भीड़ देखने को मिल रही है। प्रशासन लगातार यात्रियों से मौसम और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की अपील कर रहा है।
रुद्रप्रयाग में चार यात्रियों की मौत
चारधाम यात्रा के बीच दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। रुद्रप्रयाग जिले में दो दिनों के भीतर चार यात्रियों की मौत हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर मौतें स्वास्थ्य खराब होने के कारण हुईं, जबकि एक यात्री की पत्थर गिरने से जान चली गई। 23 मई को गौरीकुंड मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की चपेट में आने से मध्य प्रदेश निवासी बोंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नई दिल्ली निवासी मनवर सिंह की तबीयत बिगड़ने से गुप्तकाशी में मौत हुई।
स्वास्थ्य कारणों से लगातार बढ़ रही मौतें
22 मई को महाराष्ट्र निवासी धर्मराज देसाई की फाटा रामपुर में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वहीं बिहार निवासी के.आर. सुरेशराव ने केदारनाथ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। चमोली में असम निवासी सोम बोस्या और उत्तरकाशी में राजस्थान निवासी भरत दास की भी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्रशासन के अनुसार अब तक चारधाम यात्रा के दौरान कुल 86 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट, अगले दो दिन सावधानी जरूरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 24 और 25 मई के लिए उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
वनाग्नि और सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता
चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड के कई जिलों में वनाग्नि की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। अल्मोड़ा, नैनीताल, पौड़ी, चमोली और टिहरी के कई जंगलों में आग लगने की सूचना मिली है। वन विभाग की टीमें आग बुझाने में जुटी हुई हैं। वहीं राज्य में सड़क हादसों का आंकड़ा भी चिंताजनक बना हुआ है। इस साल अब तक सड़क दुर्घटनाओं में 110 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 405 लोग घायल हुए हैं।
सभी प्रमुख यात्रा मार्ग फिलहाल खुले
प्रशासन के मुताबिक ऋषिकेश-बद्रीनाथ, ऋषिकेश-केदारनाथ, ऋषिकेश-गंगोत्री और ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल सुचारु रूप से खुले हुए हैं। हालांकि कुछ ग्रामीण मार्गों पर भूस्खलन और खराब मौसम के कारण दिक्कतें बनी हुई हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा से पहले मौसम और मार्ग की जानकारी लेने की अपील की है।
यात्रियों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह
प्रशासन ने खास तौर पर बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। आपात स्थिति के लिए राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 1070 भी जारी किया गया है।