उत्तराखंड - सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को कहा है कि, देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि, आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता।
सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा कि, अभी राज्य में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रदेश का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही सीएम ने इस दौरान यह भी कहा कि, सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट
उन्होंने आगे कहा कि, नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए राज्य के मुखिया धामी ने कहा कि, कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।
सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं देंगे
अपने इस बयान में सीएम धामी ने साफ-साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, हमारी सरकार सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं देंगी, आवागमन और क़ानून व्यवस्था में अवरोध पैदा करने वालों पर सख़्त कार्रवाई करेंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की धरा है देवभूमि उत्तराखंड, यहाँ किसी को भी माहौल ख़राब करने का अधिकार नहीं है।
राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा
चेतावनी देते हुए सीएम धामी ने कहा कि, सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।