चमोली - बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित हैं। की यात्रा के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिल रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और खराब सड़कें प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।
श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ा है
चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पवार ने बताया कि बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने के बाद जिले में श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ा है। गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से यात्रियों की संख्या में और इजाफा हुआ है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 5 से 10 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंच रहे हैं।
10 किलोमीटर का सड़क हिस्सा खराब स्थिति में है
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के आने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से जोशीमठ से मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग क्षेत्र के बीच करीब 10 किलोमीटर का सड़क हिस्सा खराब स्थिति में है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। एसपी के अनुसार, अत्यधिक ट्रैफिक के कारण कई वाहनों में तकनीकी खराबियां सामने आई हैं। कुछ वाहनों के इंजन गर्म होने, स्टीयरिंग लॉक होने और सस्पेंशन टूटने जैसी घटनाओं के कारण सड़क पर आवागमन बाधित हुआ।
वाहनों को हटाकर यातायात बहाल करना पड़ा
एसपी के अनुसार, रात के समय पुलिस और प्रशासनिक टीमों को ऐसे वाहनों को हटाकर यातायात बहाल करना पड़ा। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन वाहनों को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है। एसपी पवार ने बताया कि कई बार वाहनों की लाइनें काफी लंबी दिखाई देती हैं, लेकिन जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगभग हर एक घंटे के अंतराल पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और यात्रा पर निकलने से पहले अपने वाहनों की तकनीकी जांच कराने की अपील की है।